पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्राकृति के दोहन की वजह से दुनिया भर में बढ़ रही प्राकृतिक आपदाओं को लेकर आगाह किया। उन्होंने प्रकृति में हुए परिवर्तन की मार से पीड़ित दक्षिण अफ्रीका का उदाहरण देते हुए कहा कि प्राकृति की कीमत पर किए जा रहे विकास पर फिर से विचार किया जाना चाहिए।
समावेशी आर्थिक विकास पर जोर
जी20 शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि समावेशी और सतत आर्थिक विकास में सबको साथ लेकर चलने की जरुरत है। अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण, व्यापार की भूमिका और विकास को गति देने वाले कर्ज के विषय पर अपने विचार रखे। प्रधानमंत्री ने कहा कि जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन में नयी दिल्ली जी20 शिखर सम्मेलन में की गई ऐतिहासिक पहलों को और आगे बढ़ाया गया है। पिछले दशकों में जी20 ने वैश्विक वित्त और वैश्विक आर्थिक विकास को आकार दिया है, लेकिन विकास के मापदंडों ने एक बड़ी आबादी को संसाधनों से वंचित रखा है।
मोदी की पश्चिमी देशों को खरी-खरी
पीएम मोदी ने जी20 को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में विकास के नाम पर प्रकृति का बेतहाशा दोहन किया जा रहा है। जिसकी वजह से पूरी दुनिया के अलग-अलग देशों में इसका विपरित असर प्राकृतिक आपदाओं के रूप में देखने को मिल रहा है। मोदी ने खास तौर पर प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे दक्षिण अफ्रीका का उदाहरण दिया। उन्होंने पश्चिम, खास तौर पर यूरोपीय देशों पर अफ्रीका के कीमती प्राकृतिक संसाधनों का बेतहाशा शोषण करने और बदले में वहां के देशों को गरीबी में धकेलने का आरोप लगाया।
विकास के मानदंडों पर पुनर्विचार होः मोदी
पीएम मोदी ने दुनिया में विकस के लिए अपनाए जा रहे मानदंडों पर फिर से विचार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज जब अफ्रीका पहली बार जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, तो हमें विकास के मापदंडों पर पुनर्विचार करना चाहिए। एक रास्ता भारत की सभ्यतागत मूल्यों में निहित है और वो रास्ता एकात्म मानववाद है। इसका अर्थ है कि हमें मनुष्य, समाज और प्रकृति को एक एकीकृत संपूर्ण के रूप में देखना चाहिए, तभी प्रगति और प्रकृति के बीच सामंजस्य संभव होगा। पीएम मोदी ने जी20 के मंच से पूरी दुनिया को वैसुधैव कुटुंबकम का मंत्र दिया।
भारतीय संस्कृति दुनिया को राह दिखाएगीः मोदी
पीएम मोदी ने प्रस्ताव दिया कि भारत जी20 के भीतर एक वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार स्थापित करेगा, जिसमें भारतीय ज्ञान प्रणालियों की पहल इसकी नींव के रूप में काम करेगी। उन्होंने कहा कि ये वैश्विक मंच मानवता के सामूहिक ज्ञान को भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अफ्रीका का विकास और अफ्रीका की युवा प्रतिभा को सशक्त बनाना पूरी दुनिया के हित में है। उन्होंने जी20 में अफ्रीका कौशल गुणक पहल स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इसे जी20 समूह के सदस्य देशों की तरफ से आर्थिक मदद दी जाएगी।
अफ्रीका के 10 लाख शिक्षकों को ट्रेनिंग मिलेगी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारा सामूहिक लक्ष्य अगले दशक में अफ्रीका में 10 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है। ये बदले में लाखों कुशल युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे कई गुना ज्यादा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ये स्थानीय क्षमता का निर्माण करेगा और लंबे समय के लिए अफ्रीका के विकास को मजबूत करेगा।
ड्रग और आतंकवाद के गठजोड़ को तोड़ें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 के मंच से ड्रग तस्करी और आतंकवाद के गठजोड़ पर चोट करने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि ड्रग तस्करी की वजह से वैश्विक आतंकवाद को आर्थिक मदद मिल रही है। पीएम मोदी ने जी20 के मंच पर ड्रग तस्करी और आतंकवाद के गठजोड़ का मुकाबला करने का प्रस्ताव रखा।