प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रोजगार मेले के जरिए देश के 61,000 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर उन्होंने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि ये नियुक्ति पत्र सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि “नेशन बिल्डिंग का इनविटेशन लेटर” हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 की शुरुआत हजारों युवाओं के जीवन में नई उम्मीद, नई ऊर्जा और नई खुशियां लेकर आई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आज दुनिया की एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसने पिछले एक दशक में अपनी GDP को दोगुना किया है, और इसमें युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका रही है।
नारी शक्ति की बड़ी भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति की भूमिका को भी खास तौर पर रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में 8,000 से ज्यादा बेटियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं। बीते 11 वर्षों में देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी करीब दोगुनी हुई है, जबकि महिला स्वरोजगार की दर में 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने स्टार्टअप्स और MSME सेक्टर में महिला फाउंडर्स और डायरेक्टर्स की बढ़ती संख्या को सकारात्मक संकेत बताया। अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं को “नागरिक देवो भव” का मंत्र देते हुए आई-गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के जरिए खुद को लगातार अपग्रेड करने की सलाह दी और भरोसा जताया कि यही युवा 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाएंगे।
सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युवाओं को स्किल्स से जोड़ना और उन्हें रोजगार व स्वरोजगार के मौके देना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी सोच के तहत शुरू किया गया रोजगार मेला अब एक मजबूत संस्थान बन चुका है। उन्होंने बताया कि आज देश के 40 से ज्यादा शहरों में एक साथ रोजगार मेले का आयोजन किया गया है, जहां से युवा शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रेलवे और वित्तीय सेवाओं जैसे अहम क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारी की भूमिका सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं होती, बल्कि आम नागरिक की जिंदगी को आसान बनाना ही उसकी असली पहचान है।
ढाई गुना से ज्यादा विदेशी निवेश आया
देश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत में ढाई गुना से ज्यादा विदेशी निवेश आया है। इसका सीधा फायदा युवाओं को मिला है, क्योंकि निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़े हैं। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में छह गुना वृद्धि और ऑटो सेक्टर की मजबूत ग्रोथ का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2025 में पदोपहिया वाहनों की बिक्री का आंकड़ा दो करोड़ के पार जाना यह दिखाता है कि देश की क्रय शक्ति और मध्यम वर्ग की ताकत लगातार बढ़ रही है।