
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पीएम मोदी ने इसे राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देने वाला स्थल बताया।
अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25 दिसंबर देश की दो महान विभूतियों, अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती का अद्भुत संयोग लेकर आता है। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने भारत की अस्मिता, एकता और गौरव की रक्षा की। साथ ही उन्होंने महाराजा बिजली पासी की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी वीरता, सुशासन और समावेश की विरासत समाज को दिशा देती है। पीएम ने तीनों महापुरुषों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के दर्शन को याद करते हुए कहा कि इसमें शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का समग्र विकास निहित है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने दीनदयाल जी के विचारों को संकल्प में बदला है। पीएम ने कहा कि बीते दशक में करोड़ों भारतीयों ने गरीबी को परास्त किया, क्योंकि सरकार ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को प्राथमिकता दी। आज 95 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में हैं, जो सुशासन की असली पहचान है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में परिवारवाद और स्वार्थ की राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सरदार पटेल, बाबा साहेब आंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं की विरासत को सम्मान नहीं दिया। आदिवासी समाज के योगदान को भी दशकों तक नजरअंदाज किया गया। पीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा, शहीद नारायण सिंह, महाराजा सुहेलदेव और निषादराज जैसे महापुरुषों को उचित सम्मान दिया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज भारत का मस्तक ऊंचा है। सिंह ने बताया कि मोदी को 29 देशों का सर्वोच्च सम्मान मिल चुका है। उन्होंने कहा कि एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचारों को सशक्त भारत की नींव बनाकर मोदी सरकार आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल को प्रदेश और देश के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का ‘एक देश, एक विधान, एक निशान’ का उद्घोष और पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का विचार आज सरकार की नीतियों में स्पष्ट दिखता है। योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है और यह स्थल युवाओं को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देगा।
सीएम योगी ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत का जो स्वरूप आज दिख रहा है, उसके पीछे इन तीनों महापुरुषों की प्रेरणा है। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में 11 वर्षों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए। अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए योगी ने उनका प्रसिद्ध कथन दोहराया-‘अंधेरा छंटेगा, सूर्य निकलेगा और कमल खिलेगा’, जिसे उन्होंने आज के भारत का यथार्थ बताया।
गौरतलब है कि लखनऊ में गोमती नदी के किनारे फैला यह स्मारक करीब 65 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। पूरे परिसर को कमल के आकार में डिजाइन किया गया है, जो भाजपा का चुनाव चिन्ह भी है। इसका मुख्य आकर्षण अटल बिहारी वाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय की 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं हैं। प्रत्येक प्रतिमा का वजन लगभग 42 टन है और इनके चारों ओर जल निकाय बनाए गए हैं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल में 6,300 वर्ग मीटर क्षेत्र में बना दो मंजिला आधुनिक संग्रहालय भी शामिल है। करीब 230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना लखनऊ विकास प्राधिकरण की बसंत कुंज योजना के तहत विकसित की गई है।
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