पीएम मोदी मन की बात: पांच साल में 200 से ज्यादा स्पेस स्टार्टअप्स, अंतरिक्ष की दुनिया में भारत की लंबी छलांग

Mann ki Baat: प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ के 124वें एपिसोड में आत्मनिर्भर भारत, स्पेस स्टार्टअप्स, स्वदेशी आंदोलन, स्वच्छता, और लोकल बिजनेस की बात करते हुए देशवासियों को प्रेरणा दी। उन्होंने विज्ञान, पर्यावरण और विरासत को भी प्रमुखता से उठाया।

Priya Shandilya( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
पब्लिश्ड27 Jul 2025, 01:58 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में आत्मनिर्भर भारत, स्पेस स्टार्टअप्स, स्वदेशी आंदोलन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में आत्मनिर्भर भारत, स्पेस स्टार्टअप्स, स्वदेशी आंदोलन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।(HT Print)

PM Modi Mann ki Baat 124th episode: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मासिक रेडियो शो 'मन की बात' अब देशवासियों के लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। 124वें एपिसोड में भी कुछ ऐसी ही झलक मिली, जब पीएम ने आत्मनिर्भरता से लेकर स्पेस मिशन, घरेलू उत्पाद से लेकर पर्यावरण संरक्षण और ऐतिहासिक धरोहरों तक पर प्रकाश डाला।

अंतरिक्ष की दुनिया में भारत की नई उड़ान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी की सराहना करते हुए रविवार को कहा कि इससे भारत के बच्चों में अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा की एक नयी लहर उत्पन्न हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘अंतरिक्ष से शुभांशु शुक्ला की वापसी को लेकर देश में खूब चर्चा हुई। जैसे ही शुभांशु पृथ्वी पर सुरक्षित उतरे, लोग खुशी से उछल पड़े, हर दिल में खुशी की लहर दौड़ गई। पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा था।’’ उन्होंने आगे कहा कि देश में अंतरिक्ष के क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप भी तेजी से उभर रहे हैं। ‘‘पांच साल पहले 50 से भी कम स्टार्टअप थे। आज अकेले अंतरिक्ष क्षेत्र में 200 से अधिक स्टार्टअप हैं।’’

पीएम मोदी ने 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाए जाने का जिक्र किया। उन्होंने इस संबंध में सुझाव आमंत्रित किए कि इसे कैसे मनाया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रसायन विज्ञान से लेकर गणित ओलंपियाड तक भारत के युवा हर जगह अपनी चमक बिखेर रहे हैं।

मराठा किले,अब पूरी दुनिया की धरोहर

प्रधानमंत्री ने गर्व से बताया कि महाराष्ट्र के 12 मराठा किलों को अब यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा मिला है। ये न सिर्फ वीरता और दूरदर्शिता के प्रतीक हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक ताकत भी हैं।

आत्मनिर्भर भारत का मंत्र: वोकल फॉर लोकल

प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि "विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भरता से होकर गुजरता है।" यानी, अगर हमें तरक्की करनी है तो हमें अपने ही देश के उत्पादों पर भरोसा करना होगा। 'वोकल फॉर लोकल' सिर्फ नारा नहीं, एक जिम्मेदारी है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

स्वदेशी और हथकरघा का गर्व

पीएम मोदी ने स्वदेशी आंदोलन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त 1905 में स्वदेशी आंदोलन से शुरू हुई एक नई क्रांति अब हथकरघा के रूप में जीवित है। हर साल 7 अगस्त को हम ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ मनाते हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने महाराष्ट्र की कविता धवले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पैठाण गांव की कविता धवले जैसी महिलाएं अब अपने गांव से ही व्यापार कर रही हैं। सरकार की सहायता से कविता अब खुद के बुने पैठाणी साड़ी बेचकर जीविका कमाती हैं। वे आत्मनिर्भरता की मिसाल हैं।

झारखंड के गुमला जिले की कहानी सुनाते हुए पीएम ने बताया कि कैसे ओम प्रकाश साहू नाम के एक नौजवान ने हिंसा का रास्ता छोड़ मछली पालन शुरू किया। आज उसी प्रेरणा से कई युवा रोजगार की राह पर चल पड़े हैं। सच्ची बात है- "जहां अंधेरा होता है, वहीं से उजाला फूटता है।"

स्वच्छता की मिसाल

पीएम मोदी ने स्वच्छता की मिसाल पेश कर रहे लखनऊ और पणजी के प्रयास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लखनऊ में गोमती नदी को साफ करने वाली टीम और गोवा के पणजी शहर की महिलाओं ने दिखा दिया कि सफाई सिर्फ एक दिन का काम नहीं, बल्कि हर दिन की सोच है। पणजी में तो कचरा 16 हिस्सों में बांटा जाता है, यही है नया भारत, स्वच्छ भारत।

ज्ञान भारतम मिशन

प्रधानमंत्री ने एक बड़ी पहल की बात की- ‘ज्ञान भारतम मिशन’, जिसमें भारत की पुरानी पांडुलिपियां (manuscripts) डिजिटल की जाएंगी। इसके बाद एक नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी बनेगी, जहां से दुनियाभर के स्टूडेंट्स और रिसर्चर भारत की ज्ञान परंपरा से जुड़ सकेंगे। उन्होंने कहा, "ये सिर्फ कागज नहीं, भारत की आत्मा के पन्ने हैं, जिन्हें हमें नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।" अगर आप भी किसी ऐसे प्रोजेक्ट से जुड़े हैं या जुड़ना चाहते हैं, तो MyGov या संस्कृति मंत्रालय से संपर्क कर सकते हैं।

पहाड़ों से मैदान तक, कूड़े से किस्से और बदलाव

वेस्ट मैनेजमेंट पर बात करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि उत्तराखंड के कीर्तिनगर, मंगलुरु, और अरुणाचल के रोइंग में लोग अब कूड़े को बोझ नहीं, संसाधन मानते हैं। रोइंग में ‘ग्रीन रोइंग इनिशिएटिव’ के तहत वेस्ट से पूरा पार्क बना दिया गया। मंगलुरु में तकनीक की मदद से ऑर्गेनिक वेस्ट को संभाला जा रहा है। कराड़, विजयवाड़ा और अहमदाबाद रिवर फ्रंट में पानी और सफाई को लेकर बढ़िया काम हो रहा है।

खेलो भारत नीति 2025

प्रधानमंत्री ने खेलो भारत नीति 2025 की बात करते हुए बताया कि इसका मकसद है भारत को खेलों में सुपरपावर बनाना। गांव और बेटियां इसकी प्राथमिकता हैं। स्कूल और कॉलेज में खेल अब दैनिक जीवन का हिस्सा बनेंगे। स्पोर्ट्स स्टार्टअप्स को भी हर तरह से सपोर्ट मिलेगा, चाहे वो बैट-बॉल बना रहे हों या मैनेजमेंट कर रहे हों।

वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में भारत का डंका

इस साल अमेरिका में हुए वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में भारत ने 600 के करीब मेडल जीते और 71 देशों में टॉप 3 में जगह बनाई। साल 2029 में ये गेम्स भारत में होंगे। पूरी दुनिया के खिलाड़ी भारत आएंगे और हमारी अतिथि परंपरा और खेल संस्कृति से रूबरू होंगे।

भोपाल की 'पॉजिटिव थिंकिंग'

भोपाल की 'पॉजिटिव थिंकिंग' नाम की महिलाओं की टीम ने सिर्फ कूड़ा नहीं उठाया, बल्कि सोच बदलने की मुहिम शुरू की। इन्होंने 17 पार्क साफ किए, कपड़े के थैले बांटे और स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल को ऊपर पहुंचा दिया। प्रधानमंत्री बोले, "इनके हर कदम में एक संदेश है।"

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