
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को संसद स्थित प्रधानमंत्री के कक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह बैठक मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति को लेकर आयोजित की गई थी। इसके अलावा, केंद्रीय सूचना आयोग में लंबे समय से खाली चल रहे आठ पदों पर भी चर्चा हुई। सरकार पहले ही सुप्रीम कोर्ट को सूचित कर चुकी थी कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति बुधवार को इन शीर्ष संवैधानिक पदों के लिए चयन प्रक्रिया पर विचार करेगी।
सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत, प्रधानमंत्री इस चयन समिति के अध्यक्ष होते हैं। समिति में लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री सदस्य होते हैं। यही समिति मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य सूचना आयुक्तों के नाम सुझाती है। RTI कानून के अनुसार, केंद्रीय सूचना आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम 10 सूचना आयुक्त नियुक्त किए जा सकते हैं। ये अधिकारी उन मामलों में अंतिम फैसला करते हैं, जहां आरटीआई आवेदक सरकारी विभागों के जवाब से संतुष्ट नहीं होते। वर्तमान में कई पद खाली होने के कारण आयोग का कामकाज प्रभावित माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री कक्ष में हुई इस बैठक में क्या निर्णय लिया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे एक अहम बैठक माना जा रहा है। चयन समिति में विपक्ष के नेता की मौजूदगी को लोकतांत्रिक संतुलन के रूप में देखा जाता है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण शामिल हो सकें। राहुल गांधी की बैठक में भागीदारी को सरकार और विपक्ष के बीच संवैधानिक जिम्मेदारियों को लेकर संवाद का संकेत माना जा रहा है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि चयन समिति किन नामों पर मुहर लगाती है।
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