उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। गंगा और यमुना दोनों नदियां उफान पर हैं। जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि शहर के श्मशान घाट जलमग्न हो चुके हैं और बाढ़ का पानी अब रिहायशी इलाकों में घुसने लगा है।
श्मशान घाट जलमग्न
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, शनिवार को गंगा नदी का जलस्तर लगभग 6.83 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था, जबकि यमुना का जलस्तर 4.83 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चढ़ रहा था। बीते 24 घंटे में गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 146 सेंटीमीटर और छतनाग में 113 सेंटीमीटर तक बढ़ चुका है।
बाढ़ का असर इतना ज्यादा है कि रसूलाबाद, छतनाग और दारागंज के श्मशान घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार रोक दिया गया है और अब शवों का दाह संस्कार सिर्फ विद्युत शवदाह गृह में किया जा रहा है।
रिहायशी इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी
फाफामऊ, झूंसी, छतनाग और राजापुर के कछारी इलाकों में पानी तो पहले ही भर गया था, लेकिन अब रिहायशी हिस्सों में भी पानी घुसने लगा है। कई लोग जरूरी सामान लेकर दूसरी मंजिल पर रहने को मजबूर हैं। ऐसे में चोरी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। विद्युत आपूर्ति बंद होने से लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। सिंचाई विभाग का कंट्रोल रूम 24 घंटे निगरानी कर रहा है। संगम क्षेत्र में जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया गया है। संगम में गंगा-यमुना का खतरे का निशान 84.734 मीटर तय किया गया है और दोनों नदियां उसी के करीब पहुंच चुकी हैं।