शीतकालीन सत्र के दौरान आज लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के बीच कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी के बयान से सदन में हंगामा हो गया। चर्चा में हिस्सा लेते हुए राहुल गांधी ने खादी और भारत की विविधता की बात की, लेकिन जल्द ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोल दिया। राहुल गांधी ने कहा कि देश के पहनावे में देश की आत्मा दिखाई देती है और खादी भारत की भावना है लेकिन आज देश की सभी संस्थाओं पर RSS का कब्जा होता जा रहा है।
“असहज करने वाला सत्य” पर सत्ता पक्ष की आपत्ति
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह असहज करने वाला सत्य है कि देश के विश्वविद्यालयों के कुलपति संघ से जुड़े हुए हैं और योग्यता के बजाय वैचारिक निष्ठा के आधार पर नियुक्तियां हो रही हैं। उन्होंने नाथूराम गोडसे द्वारा महात्मा गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी के विचारों के साथ भारत के विजन को खत्म करने की कोशिश की गई। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ गया।
स्पीकर ओम बिरला की टोक और रिजिजू का पलटवार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को टोका और चुनाव सुधार के विषय पर ही बोलने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि किसी संगठन का नाम लेने से बचा जाए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी आपत्ति जताई और कहा कि सांसद नेता विपक्ष को सुनने के लिए बैठे हैं लेकिन यदि वे विषय से हटकर बोलेंगे तो समय बर्बाद क्यों किया जाए। इसके बाद राहुल गांधी के भाषण को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हालंकि कुछ देर के शोर-शराबे के बाद राहुल गांधी ने सदन में अपनी बात पूरी की।