कोटा: रेलवे में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ अब सख्ती बढ़ा दी गई है। नए नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बिना टिकट यात्रा करता है या यात्रा करने की कोशिश करता है, तो उसे पहले की तुलना में अधिक जुर्माना भरना होगा। न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क को 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। यही नियम अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी लागू होगा।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और रेलवे में अनुशासन बनाए रखने के लिए रेल अधिनियम के तहत दंड और जुर्माने से जुड़े कई प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं। केवल बिना टिकट यात्रा ही नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशन या परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करना, अनधिकृत रूप से सामान बेचना, महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में जबरन प्रवेश करना और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन न करना भी अब अधिक महंगा पड़ सकता है।
रेल मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत किए गए ये बदलाव 19 जून से लागू हो गए हैं। रेलवे का कहना है कि कई जुर्माना राशियां वर्षों से नहीं बदली थीं, इसलिए उन्हें वर्तमान समय के हिसाब से संशोधित किया गया है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के अनुसार, इन नए नियमों का उद्देश्य लोगों को रेलवे के नियमों के प्रति अधिक जागरूक बनाना और बिना टिकट या नियमों के उल्लंघन की घटनाओं को कम करना है। इससे रेलवे परिसरों में व्यवस्था बेहतर होगी और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक माहौल मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि जुर्माने की राशि बढ़ने से लोग नियमों का पालन करने के लिए अधिक प्रेरित होंगे। इससे बिना टिकट यात्रा और अन्य अनियमितताओं में कमी आएगी। साथ ही, वैध टिकट लेकर सफर करने वाले यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा और रेलवे की सुरक्षा एवं अनुशासन व्यवस्था और मजबूत होगी।