
Simone Tata Passes Away: रतन टाटा की सौतेली मां और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा की मां सिमोन टाटा का शुक्रवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। वो 95 साल की थीं और कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। सिमोन टाटा न सिर्फ टाटा परिवार का अहम हिस्सा थीं, बल्कि फैशन और लाइफस्टाइल सेक्टर में बड़ा बदलाव लाने वाली उन चुनिंदा शख्सियतों में से एक थीं, जिनकी सोच और काम ने टाटा ग्रुप की पहचान को एक नई दिशा दी।
टाटा ग्रुप ने बयान जारी कर बताया कि सिमोन टाटा को अंतिम श्रद्धांजलि शनिवार सुबह कोलाबा स्थित Cathedral of the Holy Name Church में दी जाएगी। ग्रुप ने कहा कि उनकी सकारात्मकता और दृढ़ संकल्प ने कई लोगों को गहराई से प्रभावित किया।
टाटा ग्रुप ने कहा, “वो हमेशा याद की जाएंगी भारत के सबसे बड़े कॉस्मेटिक ब्रांड Lakmé को बढ़ाने और Westside जैसी फैशन रिटेल चेन की नींव रखने के लिए। उन्होंने सर रतन टाटा इंस्टिट्यूट समेत कई परोपकारी संस्थाओं के काम को भी दिशा दी।”
सिमोन टाटा का जन्म 1930 में जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में हुआ था। वह पहली बार 1953 में 23 साल की उम्र में भारत घूमने आईं। इसी यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात नवल टाटा से हुई, जो उनसे 26 साल बड़े थे। दोनों ने 1955 में शादी की और मुंबई में बस गए। शादी के दो साल बाद ही उन्होंने टाटा ग्रुप में प्रोफेशनल सफर शुरू किया। 1982 में सिमोन टाटा Lakmé की चेयरपर्सन बनीं। उन्होंने भारतीय महिलाओं के बीच ब्यूटी प्रोडक्ट्स को लोकप्रिय बनाया। इसी वजह से उन्हें “Cosmetic Czarina of India” कहा गया।
1996 में टाटा ग्रुप ने Lakmé को हिंदुस्तान यूनिलीवर को बेच दिया। उस पैसे से सिमोन टाटा ने Trent के तहत Westside की शुरुआत की।
Westside आज भारत की सबसे बड़ी डिपार्टमेंट स्टोर चेन में से एक है। उन्होंने टाटा इंडस्ट्रीज के बोर्ड में भी काम किया और फैशन रिटेल को नई ऊंचाई दी।
2006 में रिटायरमेंट के बाद सिमोन टाटा पब्लिक लाइमलाइट से दूर रहीं। उन्हें आखिरी बार अक्टूबर 2024 में रतन टाटा के अंतिम संस्कार में देखा गया था।
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