
धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले बैंक अकाउंट अब झारखंड के जामताड़ा और हरियाणा के नूह जैसे पुराने ठिकानों से निकलकर भारत के अन्य हिस्सों में फैल रहे हैं। अपराधी अब नए इलाकों और तरीकों, जैसे इन-गेम खरीदारी का उपयोग करके पैसे का लेन-देन कर रहे हैं। बैंकों और जांच एजेंसियों ने मिलकर ऐसे खातों को फ्रीज करने का काम शुरू किया है। इन साइबर ठगों पर लगाम कसने के लिए RBI बेहतर तालमेल के साथ AI का इस्तेमाल कर रहा है।
बैंकरों, सरकारी अधिकारियों और जांच एजेंसियों की एक बैठक में यह बात सामने आई है कि जैसे-जैसे जांचकर्ता जामताड़ा और नूह जैसे कुख्यात ठिकानों पर नकेल कस रहे हैं, अपराधी नए और शांत क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। अब मध्य प्रदेश के कटनी और शाजापुर, कर्नाटक के कालाबुर्गी और असम के कुछ हिस्सों में भी ऐसे खाते सामने आ रहे हैं।
सीबीआई ने साइबर ठगों पर लगाम लगाने के लिए देशभर में ऑपरेशन चक्र नाम से विशेष अभियान चलाया है। सीबीआई ने खुलासा किया है उस उसने जून में ऑपरेशन के दौरान देशभर में 700 से अधिक बैंक शाखाओं में 8.5 लाख म्यूल अकाउंट्स का खुलासा किया, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी कर रहे थे। सीबीआई ने आरबीआई की मदद से इन सभी खातों को फ्रीज कर दिया।
अपराधियों ने धोखाधड़ी का अब नया तरीका अख्तियार कर लिया है। ऑन लाइन ठगी को अंजाम देने वाले ठक अब इन-गेम खरीदारी जैसे तरीकों का इस्तेमाल करके पैसे का लेन-देन कर रहे हैं, जिससे पैसों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। ये एक ऐसा चैनल है जिसे पहले उतना खतरा नहीं माना जाता था। ठगों के हाई टेक तरीके इस्तेमाल करने की वजह से इनपर निगरानी और मुश्किल हो गई है। जिसे देखते हुए इसपर लगाम लगाने के लिए CBI अब AI की मदद ले रही है।
पहले देशभर में ऑनलाइन ठगी के ज्यादातर मामले झारखंड के जामताड़ा से हुआ करते थे। इसके बाद धीरे-धीरे हरियाणा के नूंह में ठगों ने अपना निशाना बनाया जहां सुरक्षा एजेंसियों ने अपना शिकंजा कसना शुरू किया जिसके बाद साइबर ठगों ने धीरे-धीरे पूरे देश में अपना ठिकाना बनाना शुरू कर दिया।
आरबीआई ने ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैंक अकाउंट पर लगाम लगाने के लिए एक नया AI टूल विकसित किया है। MuleHunter नाम से विकसित किए गए इस AI और मशीन लर्निंग टूल की मदद से धोखाधड़ी करने वाले खातों का पता लगाने में बैंकों की मदद करता है।
साइबर ठगी पर लगाम कसने के लिए बैंकों ने भी सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। सभी बैंक KYC के साथ हर खाते की गतिविधियों पर ध्यान दे रहे हैं। जांच एजेंसियां और बैंक मिलकर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय भुगतान निगम और राष्ट्रीय अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से डेटा को वास्तविक समय में एकीकृत किया जा रहा है।
सीबीआई ने साइबर ठगी से जुड़े म्यूल बैंक खातों पर ऑपरेशन चक्र के तहत बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने पांच राज्यों में 42 ठिकानों पर छापेमारी कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पूरे देश के 700 बैंक ब्रांचों में 8.5 लाख ऐसे खाते सामने आए हैं, जिनका उपयोग साइबर अपराधी कर रहे थे। इन खातों में साइबर ठगी से जुड़े म्यूल बैंक खातों पर सीबीआई ने प्रहार किया है। सीबीआई इन खातों से जुड़े पांच राज्यों में फैले 42 ठिकानों पर छापा मारा और नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई का उद्देश्य म्यूल खातों के इस्तेमाल की साजिश में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाना है ताकि साइबर ठगी के मामले में बैंकिंग चैनल के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया जा सके। इन 8.5 लाख म्यूल खातों का इस्तेमाल कर कुल कितने करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई, सीबीआई इसका आकलन कर रही है।
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