Red Fort Blast Case: केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने लाल किला विस्फोट मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेन्सी (एनआईए) को सौंप दी है अब तक दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा इसकी जांच कर रही थी। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर मंगलवार को हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। सोमवार शाम लाल किले के निकट एक कार में हुए शक्तिशाली विस्फोट में 10 लोगों की मौत हो गई और करीब 20 घायल हुए हैं।
NIA करेगी मामले की जांच
बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, दिल्ली पुलिस आयुक्त और एनआईए के महानिदेशक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जम्मू कश्मीर के महानिदेशक वीडियाे कांफ्रेन्स के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि बैठक में विस्फोट मामले की जांच एनआईए को सौंपने का निर्णय लिया गया। अमित शाह ने विस्फोट के बाद सोमवार शाम लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में घायलों से मुलाकात के बाद घटनास्थल का दौरा किया था। उन्होंने कहा था कि वह मंगलवार सुबह बैठक में स्थिति की समीक्षा करेंगे।
दिल्ली पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के साथ-साथ विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि कोतवाली पुलिस स्टेशन में यूएपीए की धारा 16 और 18 के साथ-साथ विस्फोटक अधिनियम और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कितने बजे हुआ था कार में धमाका?
दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को शाम करीब 6:52 बजे लाल किले मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक Hyundai i20 कार में अचानक जोरदार धमाका हुआ। यह कार हरियाणा नंबर प्लेट वाली थी और उसमें तीन लोग सवार थे। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां और स्ट्रीट लाइट्स भी क्षतिग्रस्त हो गईं। शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे सिलेंडर या बैटरी ब्लास्ट बताया गया, लेकिन बाद में पुलिस ने शक जताया कि इसमें अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। इस घटना में कम से कम 8 लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए।