
Red Fort Terror Blast: राजधानी दिल्ली में कार विस्फोट मामले के बाद केंद्रीय जाँच एजेंसियां ऐसे डॉक्टरों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही हैं जिन्होंने पाकिस्तान, बंगलादेश, संयुक्त अरब अमीरात और चीन से अपनी डिग्री हासिल की है।
इन एजेंसियाें में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) शामिल हैं। ये एजेंसियां इन चार देशों के संस्थानों से पढ़कर भारत आये डॉक्टरों से पूछताछ करके यह पता लगाने की योजना बना रही हैं कि क्या उन्हें कथित डॉक्टर टेरर मॉड्यूल के बारे में कोई जानकारी थी या वे इसके सदस्यों के संपर्क में थे।
एजेंसियों ने ऐसे सभी संस्थानों, नर्सिंग होम और अस्पतालों को अपने पेरोल पर कार्यरत डॉक्टरों, खासकर उन डॉक्टरों का ब्यौरा मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है जिनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि इन चार देशों की है।एजेंसियों की ओर से अस्पताल अधिकारियों को भेजे गये पत्र में कहा गया है, कृपया 10.11.2025 को लाल किले के समीप हुए कार विस्फोट के बाद की स्थिति को देखते हुए अपने अस्पताल में कार्यरत उन डॉक्टरों का विवरण प्रदान करें जिन्होंने पाकिस्तान,बंगलादेश, संयुक्त अरब अमीरात और चीन से डिग्री प्राप्त की है। कृपया इसे अत्यंत आवश्यक समझें।
कुछ अस्पतालों ने सीबीआई और अन्य एजेंसियों को दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) से ये डेटा एकत्र करने की सलाह दी है जो इस तरह के रिकॉर्ड रखने वाली आधिकारिक सरकारी संस्था है।जांच से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि एजेंसियां इन चार देशों से डिग्री प्राप्त करने वाले सभी डॉक्टरों से पूछताछ करेंगी। उनके आपराधिक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की गहन जाँच की जायेगी।
अब तक दिल्ली कार विस्फोट मामले में एनआईए ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी के सहयोगी आमिर राशिद अली को सबसे पहले 16 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। कश्मीर निवासी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को 17 नवंबर को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था।दोनों आरोपी फिलहाल एनआईए की हिरासत में हैं।
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