अमेरिका की मध्यस्थता में खत्म हुई रूस-यूक्रेन शांति वार्ता, क्या सुलह करवाने में कामयाब हुए ट्रंप?

Ukraine-Russia Peace Talks: रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच दो दिन की शांति वार्ता खत्म हो गई, लेकिन नतीजा साफ नहीं है। बातचीत के पहले रूस ने कीव पर हमला किया, जिससे कीव में हालात बिगड़ गए। अब अगले दौर की बातचीत अबू धाबी में होने की उम्मीद है।

Priya Shandilya
अपडेटेड24 Jan 2026, 10:01 PM IST
रूस-यूक्रेन-अमेरिका की दो दिन की शांति वार्ता खत्म हुई लेकिन क्या कोई नतीजा निकला?
रूस-यूक्रेन-अमेरिका की दो दिन की शांति वार्ता खत्म हुई लेकिन क्या कोई नतीजा निकला?(AFP)

Ukraine-Russia Peace Talks: रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने की कोशिशें फिर से तेज हुई हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में हुई दो दिन की त्रिपक्षीय शांति वार्ता शनिवार को खत्म हुई। हालांकि, बातचीत के बाद यह साफ नहीं हो सका कि किसी ठोस समझौते की दिशा में प्रगति हुई है या नहीं। AFP ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अगले दौर की बातचीत अगले हफ्ते अबू धाबी में होने की संभावना है।

बातचीत से पहले रूस का हमला

वार्ता शुरू होने से कुछ ही घंटे पहले रूस ने कीव पर रातभर एयरस्ट्राइक की। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और चार लोग घायल हुए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में पावर ग्रिड को नुकसान पहुंचा, जिससे करीब 12 लाख से ज्यादा घरों की बिजली गुल हो गई।

हमले के बाद बिगड़े कीव के हालात

हमले के बाद कीव के हालात और बिगड़ गए। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 6,000 इमारतों में हीटिंग बंद हो गई, जबकि तापमान -10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। कड़ाके की ठंड में बिजली और गर्मी न होना आम लोगों के लिए बड़ी मुश्किल बन गया।

राष्ट्रपति पुतिन की मांग

यह पहली बार था जब युद्ध शुरू होने के बाद रूस, यूक्रेन और अमेरिका एक साथ बातचीत की मेज पर बैठे। इसी दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर से रातभर लंबी बातचीत की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने शर्त रखी कि शांति समझौते के लिए यूक्रेन को पूर्वी इलाकों से सेना हटानी होगी, जिन्हें रूस ने अवैध रूप से कब्जा किया है लेकिन पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर पाया।

डोनबास पर अड़ा रूस, यूक्रेन ने फिर किया इनकार

शांति वार्ता में सबसे बड़ा पेंच डोनबास क्षेत्र को लेकर बना हुआ है। रूस लंबे समय से डोनेत्स्क और लुहांस्क से मिलकर बने इस इलाके पर दावा करता रहा है। यह इलाका खनिज संसाधनों, कृषि भूमि और स्टील उद्योग के लिए अहम माना जाता है। हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की इस मांग को बार-बार खारिज कर चुके हैं।

यूक्रेन का जवाब

इससे पहले गुरुवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने दावोस में कहा था कि शांति समझौता लगभग तैयार है। उन्होंने ये भी साफ कहा कि यूक्रेन अपने किसी भी इलाके को रूस को सौंपने वाला नहीं है। जेलेंस्की ने कहा-"ये हमारे देश का पूर्वी हिस्सा है, ये हमारी जमीन है।" उन्होंने कहा कि यह मसला देश के पूर्वी हिस्से और जमीन से जुड़ा है, जिस पर कोई समझौता नहीं होगा।

दो दिन की बातचीत के बाद भी शांति का रास्ता साफ नहीं हुआ। रूस अपनी मांगों पर अड़ा है और यूक्रेन अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं। अबू धाबी में होने वाली अगली बैठक पर सबकी नजर होगी कि क्या कोई ठोस हल निकलता है या नहीं।

कैसा रहा बातचीत का माहौल?

यूएई सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक, अबू धाबी में हुई बातचीत में अमेरिकी प्रस्ताव से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई। बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा और दोनों देशों के अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत भी हुई।

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