भारत में हवाई सफर तेजी से बढ़ रहा है और इसी के साथ ईंधन की खपत भी। ऐसे समय में सरकार सतत विमानन ईंधन यानी SAF (Sustainable Aviation Fuel) की नीति लाने जा रही है। इससे न सिर्फ अरबों रुपये की बचत होगी बल्कि लाखों नई हरित नौकरियां भी पैदा होंगी।
अरबों रुपये की बचत और 10 लाख नौकरियां
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि SAF अपनाने से भारत को कच्चे तेल के आयात पर हर साल 5 से 7 अरब डॉलर यानी करीब 6 खरब रुपये तक की बचत होगी। मंत्री ने बताया कि इस नीति से करीब 10 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी, जो हरित ऊर्जा और टिकाऊ विकास की दिशा में बड़ा कदम होगा।
भारत की क्षमता
मंत्री ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग से FICCI के आयोजित इंडिया सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल समिट में हिस्सा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में SAF उत्पादन में वैश्विक नेता बनने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि भारत हर साल 75 करोड़ टन से ज्यादा बायोमास पैदा करता है। यही बायोमास SAF बनाने का अहम स्रोत बन सकता है और भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक नेता बना सकता है।
विमानन क्षेत्र की तेजी
नायडू ने बताया कि भारत का विमानन क्षेत्र अर्थव्यवस्था से भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें 6.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर के साथ 2025 में लगभग एक करोड़ यात्री यात्राएं होने की उम्मीद है। 2030 तक विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) की खपत 15-16 मिलियन टन और 2040 तक 30-31 मिलियन टन तक पहुंच सकती है। SAF से कार्बन उत्सर्जन 80% तक घटाया जा सकता है। नागरिक उड्डयन महानिदेशक फैज अहमद किदवई ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक 5% SAF मिश्रण हासिल करना है।
वैश्विक अवसर
एयरबस इंडिया के प्रमुख जुर्गन वेस्टरमेयर ने SAF को भारत के लिए 'परिवर्तनकारी अवसर' बताया। वहीं FICCI नागरिक उड्डयन समिति के सह-अध्यक्ष और प्रैट एंड व्हिटनी के उपाध्यक्ष और कंट्री हेड (भारत), आशीष सर्राफ ने इसे भारत की नेट जीरो विमानन कहानी की 'आधारशिला' कहा। शिखर सम्मेलन के दौरान सतत विमानन पर FICCI-KPMG थॉट लीडरशिप रिपोर्ट भी जारी की गई।
रिपोर्ट और विस्तार
शिखर सम्मेलन में FICCI-KPMG की रिपोर्ट भी जारी हुई। मंत्री ने बताया कि पिछले 9 सालों में भारत ने 90 एयरपोर्ट और 400 विमान जोड़े हैं। अगले 5 साल में 50 और एयरपोर्ट और अगले 20-25 साल में 200 नए एयरपोर्ट बनाने की योजना है। अगले दशक में 50 करोड़ यात्रियों का अनुमान है।