Sriprakash Jaiswal Demise: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन, UP की राजनीति का एक युग खत्म

Sriprakash Jaiswal Demise: कानपुर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनकी सरल छवि, जनसेवा और तीन दशकों की राजनीतिक भूमिका को नेता व जनता भावुक होकर याद कर रहे हैं। कांग्रेस और यूपी की राजनीति के लिए यह बड़ी क्षति मानी जा रही है।

Priya Shandilya
पब्लिश्ड29 Nov 2025, 08:20 AM IST
श्रीप्रकाश जायसवाल नहीं रहे, यूपी की राजनीति का एक युग खत्म
श्रीप्रकाश जायसवाल नहीं रहे, यूपी की राजनीति का एक युग खत्म

Sriprakash Jaiswal Death: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार शाम दिल का दौरा पड़ने से उनका 81 की उम्र में निधन हो गया। उनकी मौत की खबर से कांग्रेस और यूपी की राजनीति में गहरा दुख फैल गया है।

अचानक बिगड़ी तबीयत

शुक्रवार शाम उनकी तबीयत अचानक खराब हुई। पहले उन्हें किदवई नगर के एक नर्सिंग होम ले जाया गया, फिर वहीं से ‘कार्डियोलॉजी हॉस्पिटल’ शिफ्ट किया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जन्म, परिवार और शुरुआती जीवन

साल 1944 में कानपुर में गंगा प्रसाद जायसवाल और चंद्रकली देवी के घर जन्मे श्रीप्रकाश जायसवाल जीवन भर अपने गृहनगर से जुड़े रहे। जायसवाल ने 1967 में माया रानी जायसवाल से शादी की और उनके दो बेटे, एक बेटी और दो पोते-पोतियां हैं। उनका परिवार उनके आखिरी समय में उनके साथ था।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर प्रकाश अग्निहोत्री ने कहा कि जायसवाल के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है।

संप्रग सरकारों में महत्वपूर्ण भूमिका

मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली संप्रग सरकारों में उन्होंने महत्वपूर्ण पद संभाले। 2004 से 2009 तक गृह राज्य मंत्री और फिर जनवरी 2011 से मई 2014 तक कोयला मंत्री के पद पर वे बने रहे।

यूपी कांग्रेस को मजबूत करने में बड़ी भूमिका

केंद्रीय मंत्रिमंडल में आने से पहले वह 2000 से 2002 के बीच यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष रहे, जहां उन्होंने संगठन को मजबूत करने पर काम किया।

कानपुर के विकास में तीन दशकों की भूमिका

अग्निहोत्री ने बताया कि तीन दशक से ज्यादा समय तक जायसवाल ने कानपुर की राजनीति और प्रशासन को दिशा दी। 1989 में वह कानपुर के महापौर बने। कांग्रेस पार्टी के शहर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि 1999 में, वह कानपुर सीट से 13वीं लोकसभा के लिए चुने गए और उन्होंने 2004 और 2009 में भी उन्होंने इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा। वह प्रदेश सबसे प्रभावशाली कांग्रेस नेताओं में से एक थे। साल 2009 में, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हुए हमलों के बाद, जायसवाल हालात का जायजा लेने के लिए खुद मेलबर्न गए।

2014 के बाद भी रहे सक्रिय

वर्ष 2014 में चुनाव हारने के बाद भी उन्होंने राजनीति और सामाजिक जीवन से दूरी नहीं बनाई। उनकी सादगी और मिलनसार स्वभाव उन्हें लोगों के और करीब ले जाता था।

नेताओं ने जताया शोक

उनके निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने दुख जताया। योगी आदित्यनाथ ने X पर लिखा,''पूर्व केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ राजनेता श्री श्रीप्रकाश जायसवाल जी का निधन अत्यंत दुःखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!'' उन्होंने कहा,''प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।ॐ शांति!''

वहीं, खरगे ने जायसवाल के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि वह एक सच्चे एवं निष्ठावान कांग्रेसी थे जिन्होंने कानपुर के विकास व कल्याण के लिए पूरी ईमानदारी से जनसेवा का कार्य किया।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी जायसवाल के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने X पर कहा, “ पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल जी का निधन, अत्यंत दु:खद ! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं। भावभीनी श्रद्धांजलि !”

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