
Sharad Pawar Health: पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता शरद पवार की तबीयत अचानक खराब होने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 85 वर्षीय पवार फिलहाल अपने पैतृक निवास बारामती में थे, जहां उन्हें अस्वस्थता महसूस हुई। उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत पुणे शिफ्ट करने का फैसला लिया है। उन्हें बारामती से पुणे ले जाया गया और वहां रूबी हॉल क्लिनिक में इलाज हो रहा है। शरद पावर के कार्यालय ने इस बात की जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि उन्हें बुखार और खांसी की शिकायत है, जिसकी वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
शरद पवार को उनकी बेटी सुप्रिया सुले और दामाद सदानंद सुले बारामती से पुणे ले गए। 85 साल के विपक्षी नेता बारामती में बीमार हो गए। उन्हें वहीं शुरुआती मेडिकल केयर दी गई। जब उनकी सेहत में सुधार नहीं हुआ, तो डॉक्टरों ने आगे के टेस्ट और पूरे इलाज के लिए उन्हें पुणे ले जाने की सलाह दी। इधर रूबी हॉल क्लिनिक के एडमिनिस्ट्रेशन ने बताया कि डॉक्टर पहले उनकी जांच करेंगे और फिर तय करेंगे कि उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करने की जरूरत है या उन्हें डिस्चार्ज किया जा सकता है।
रूबी हॉल क्लिनिक के चीफ कार्डियोलॉजिस्ट और मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. परवेज़ ग्रांट ने कहा कि हम उनकी हालत के आधार पर फैसला लेंगे। पार्टी के कई नेताओं और समर्थकों ने पवार की सेहत को लेकर चिंता जताई है, और कहा है कि परिवार में दुखद घटना होने के बावजूद वह हाल के दिनों में सार्वजनिक रूप से एक्टिव रहे हैं। अपने भतीजे और महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद भी, उन्होंने लोगों से बातचीत करना और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल रहे।
12 दिसंबर 1940 को जन्मे शरद पवार 85 साल के हैं। इस उम्र में भी वो सियासी रूप से सक्रिय हैं और अपनी पार्टी का काम देखते हैं। उनकी यह सक्रियता उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए किसी मिसाल से कम नहीं है। कई नेता उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।
शरद पवार अभी राज्यसभा के सांसद हैं। उच्च सदन में ये उनका दूसरा कार्यकाल है। अप्रैल 2020 में वो राज्यसभा के लिए महाराष्ट्र से निर्वाचित हुए थे। 1967-72, 1972-78, 1978-80, 1980-85, 1985-90 और 1990-91 तक वो विधायक रहे।
18 जुलाई 1978- 17 फरवरी 1980, 26 जून 1988- मार्च 1990, मार्च 1990-25 जून 1991 और 6 मार्च 1993-14 मार्च 1995 तक वो चार बार महाराष्ट्र के सीएम रहे।जुलाई 1980-अगस्त 1981, दिसंबर 1983- जनवरी 1985 और मार्च 1985- दिसंबर 1986 तक वो महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे हैं। जून 1991- 5 मार्च 1993 केन्द्रीय रक्षा मंत्री का पद संभाला। 1993-95 तक महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे। 25 मार्च 1995- 20 मई 1995 तक महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता की भूमिका में रहे।
Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.