तेलंगाना सरकार के अधीन सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) ने एक बड़ा कदम उठाया है। 136 साल के इतिहास में पहली बार कंपनी ने महिलाओं की 13 सदस्यीय खदान बचाव टीम तैयार की है। यह राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी की एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। साथ ही, कंपनी की योजना है कि भविष्य में और अधिक महिलाओं को इस टीम में प्रशिक्षित कर शामिल किया जाए।
ट्रेनिंग लेकर तैयार हुई ये टीम
एससीसीएल के महाप्रबंधक (बचाव) श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि इन महिलाओं को हाल ही में 14 दिन का खास प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया गया। इस टीम को भूमिगत और ओपन कास्ट दोनों खदानों में काम करने के लिए तैयार किया गया है।
ऐसे माहौल में करेंगी काम जहां ऑक्सीजन भी नहीं होती
रेड्डी ने कहा कि इन महिलाओं को ऐसे माहौल में काम करने की ट्रेनिंग दी गई है जहां ऑक्सीजन की कमी हो या गैस रिसाव जैसी स्थिति हो। ये टीम जरूरत पड़ने पर फंसे हुए मजदूरों को बचाने का काम करेगी।
उन्होंने बताया कि एससीसीएल आवश्यकता पड़ने पर आपात स्थिति में उन्हें तैनात करेगा और फंसे हुए लोगों को बचाने का प्रयास करेगा। इससे पहले, भूमिगत खनन गतिविधियों में केवल पुरुष ही शामिल होते थे और कई कारणों से महिलाओं को इन कार्यों में तैनात नहीं किया जाता था।
फिलहाल एक दूसरी टीम में 8 और महिलाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है। कंपनी की योजना है कि दिसंबर 2025 तक कुल 35 सदस्यीय महिला बचाव टीम तैयार हो जाए।
अब महिलाओं की भागीदारी हो रही है मजबूत
पहले भूमिगत खनन कार्यों में महिलाओं की भागीदारी नहीं के बराबर थी। लेकिन 2019 में केंद्र सरकार की नई अधिसूचना के बाद, अब महिलाओं को इन तकनीकी और जिम्मेदार पदों पर भी मौका मिल रहा है।
खनन इंजीनियर वी. कृष्णावेनी, जो दिसंबर 2024 में एससीसीएल में शामिल हुई थीं, अब इस रेस्क्यू टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “मैं इस टीम का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करती हूं।”