IPO Impact on Smallcap Performance: स्मॉलकैप सेगमेंट में निवेशकों की मुश्किलें खत्म होती नहीं दिख रही हैं। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में लगातार गिरावट आ रही है और यह अपने महत्वपूर्ण 200 दिवसीय मूविंग एवरेज (DMA) के करीब पहुंच गया है। इस साल अब तक यह इंडेक्स लगभग 9 प्रतिशत गिर चुका है, जबकि निफ्टी 50 और निफ्टी मिडकैप जैसे बड़े इंडेक्स पॉजिटिव रिटर्न दे रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब तक IPO मार्केट की तेजी धीमी नहीं होती, स्मॉलकैप शेयरों में यह दबाव बना रह सकता है।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 का प्रदर्शन
सोमवार को निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 16,984 के इंट्राडे लो लेवल तक फिसल गया, जो 15 मई के बाद का सबसे निचला स्तर है। यह इंडेक्स 17 दिसंबर, 2024 को बने अपने 52 सप्ताह के हाई 19,598 से लगभग 13 प्रतिशत नीचे आ चुका है। इस साल यानी 2025 में अब तक निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। यह इंडेक्स अपनी दो साल की लगातार जीत की दौड़ को तोड़ने की कगार पर है।
बड़े इंडेक्स में तेजी, स्मॉलकैप में सुस्ती
इस साल स्मॉलकैप इंडेक्स के कमजोर प्रदर्शन के उलट नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी 50 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स पॉजिटिव नोट पर चल रहे हैं। निफ्टी 50 ने अब तक लगभग 10 प्रतिशत का अच्छा प्रॉफिट दिया है, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स भी इस दौरान करीब 4 प्रतिशत बढ़ा है।
लिक्विडिटी की कमी और IPO का आकर्षण
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और अनुसंधान प्रमुख जी चोक्कलिंगम ने स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव की वजह लिक्विडिटी की कमी को बताया। उन्होंने कहा कि सीमित फंड्स वाले रिटेल इन्वेस्टर्स ने स्मॉलकैप शेयरों के बजाय IPOs में निवेश करना पसंद किया है, क्योंकि इस साल स्मॉलकैप का प्रदर्शन खराब रहा है।
अल्फानिटी फिनटेक के सह-संस्थापक और निदेशक यूआर भट्ट ने भी इस बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि स्मॉलकैप सेगमेंट ने 2025 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया है। आमतौर पर रिटेल इन्वेस्टर्स स्मॉलकैप में पैसा लगाते हैं, लेकिन वे अब IPOs की तरफ जा रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक प्राइमरी मार्केट की यह गति धीमी नहीं होती, तब तक स्मॉलकैप शेयरों में सुस्ती बनी रहेगी। 2025 में ज्यादातर आईपीओज की सब्सक्रिप्शन अच्छी रही है और आईपीओ कैलेंडर मजबूत बना हुआ है।
बेयरिश चार्ट बना रहे हैं दबाव
तकनीकी रूप से भी स्मॉलकैप इंडेक्स कमजोर दिखाई दे रहा है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स अपने लॉन्ग टर्म 200 DMA (जो 17,491 पर है) के करीब ट्रेड कर रहा है। सोमवार की बिकवाली में इंडेक्स 200 DMA से 2.5 प्रतिशत यानी 440 अंक नीचे बंद हुआ। 200 DMA का उपयोग आमतौर पर किसी स्टॉक या इंडेक्स के लॉन्ग टर्म ट्रेंड को जानने के लिए किया जाता है।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग की तकनीकी और डेरिवेटिव विश्लेषक अमृता शिंदे ने चेतावनी दी कि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स लगातार बिकवाली के दबाव में है और डेली चार्ट पर लगातार सात बेयरिश कैंडलस्टिक बना चुका है। इंडेक्स अपने 100 दिवसीय मूविंग एवरेज और 200 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज दोनों से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो मौजूदा बेयरिश स्ट्रक्चर को मजबूत करता है। डेली चार्ट पर RSI 33.09 पर खिसक गया है और नीचे की ओर जा रहा है, जो कमजोर गति और बढ़ते नकारात्मक दबाव का संकेत है।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
विश्लेषक के अनुसार, इंडेक्स के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल 17,000-17,200 के एरिया में है। अगर यह ब्रेकडाउन होता है, तो गिरावट 16,570 की तरफ जा सकती है, जो मौजूदा स्तरों से लगभग 3 प्रतिशत कम है। ऊपर की तरफ तत्काल रेजिस्टेंस 17,800 पर है, और इसके बाद 18,000 का लेवल है।