सोनम वांगचुक को लेह पुलिस ने किया गिफ्तार, लद्दाख में हिंसा के बाद पुलिस का एक्शन

Sonam Wangchuk Arrested: लेह पुलिस ने सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें अज्ञात स्थान पर ले गई है। वांगचुक पर ‘भड़काऊ बयान’ देने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद लद्दाख में हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी।

Jitendra Singh
अपडेटेड26 Sep 2025, 05:00 PM IST
Sonam Wangchuk Arrested: पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
Sonam Wangchuk Arrested: पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। (HT)

Sonam Wangchuk Arrested: लद्दाख के सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया है, लेकिन अभी तक जेल नहीं भेजा गया है। सोनम वांगचुक भड़ाकऊ बयान देकर भीड़ को उकसाने का आरोप लगा है। अधिकारियों के मुताबिक, वांगचुक की अगुवाई में लद्दाख राज्य का आंदोलन बुधवार को लेह में हिंसा, आगजनी और हिंसा में बदल गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 40 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 80 लोग घायल हो गए।

पुलिस का आरोप है कि वांगचुक ने लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने और पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर अपनी भूख हड़ताल के दौरान दिए बयानों से भीड़ को भड़काया। उन्हें डीजीपी एस.डी. सिंह जामवाल के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने हिरासत में लिया।

मुझे ‘बलि का बकरा’ बनाने की रणनीति - सोनम वांगचुक

हालांकि, सोनम वांगचुक ने सरकार के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने लद्दाख में हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के लिए गृह मंत्रालय द्वारा उन्हें जिम्मेदार ठहराए जाने को ‘बलि का बकरा’ बनाने की रणनीति बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र की मूल समस्याओं से निपटने से बचना है। उन्होंने बताया, “ये कहना कि यह (हिंसा) मेरे या कांग्रेस द्वारा भड़काई गई थी, समस्या के मूल से निपटने के बजाय बलि का बकरा ढूंढ़ने जैसा है, और इससे कोई हल नहीं निकलेगा।”

यह भी पढ़ें | लेह में दो दिन स्कूल बंद, लद्दाख में हिंसा के बाद कम से कम 50 आरोपी हिरासत में

सोनम वांगचुक के NGO का FCRA लाइसेंस रद्द

इससे पहले केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक के नेतृत्व वाली संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (Foreign Contribution Regulation Act - FCRA) लाइसेंस रद्द कर दिया है। सरकार के आदेश के अनुसार, संस्था अब विदेश से चंदा या किसी भी तरह की आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं कर सकेगी।

यह भी पढ़ें | मदरसे के शौचालय में बंद थीं 40 बच्चियां, UP के बहराइच में ये चल क्या रहा था?

बता दें कि स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख की स्थापना 1988 में सोनम वांगचुक ने की थी। यह संस्था लद्दाख में शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए काम करती रही है। सरकार के इस कदम के बाद लद्दाख में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। सोनम वांगचुक पहले से ही लद्दाख की पर्यावरणीय और संवैधानिक मांगों को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़न्यूज़सोनम वांगचुक को लेह पुलिस ने किया गिफ्तार, लद्दाख में हिंसा के बाद पुलिस का एक्शन
More
बिजनेस न्यूज़न्यूज़सोनम वांगचुक को लेह पुलिस ने किया गिफ्तार, लद्दाख में हिंसा के बाद पुलिस का एक्शन
OPEN IN APP