लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान हुए जोरदार हंगामे ने संसद की कार्यवाही को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। विपक्षी सांसदों के टेबल पर चढ़ने और आसन की ओर कागज फेंकने जैसी घटनाओं को स्पीकर ओम बिरला ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है। इसी के चलते स्पीकर ने कड़ा कदम उठाते हुए सात लोकसभा सांसदों को पूरे शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद संसद का सियासी माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है, जहां सत्ता पक्ष इसे नियमों की रक्षा बता रहा है, वहीं विपक्ष लोकतंत्र पर हमला करार दे रहा है।
कौन-कौन से सांसद निलंबित
निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, डीन कुरियाकोस, किरण कुमार रेड्डी और मणिकम टैगोर के साथ-साथ गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, प्रशांत पोडोले और एस वेंकटेश्वरन शामिल हैं। इन सभी पर सदन में कागज उछालने और आसन की अवमानना का आरोप है। इससे पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि राहुल गांधी अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं और सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यहां तक कहा था कि अगर सरकार में हिम्मत है तो पूरे विपक्ष को निलंबित करके दिखाए। अब स्पीकर की कार्रवाई के बाद यह मामला और तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
कैसे बढ़ा मामला
मंगलवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में उस वक्त हंगामा हो गया, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपना भाषण एक मैगजीन में छपे लेख का हवाला देते हुए शुरू किया। उन्होंने कहा कि यह लेख प्रमाणित है और इसमें पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ का जिक्र है, जिसमें 2020 की गलवान घाटी झड़पों से जुड़ा संस्मरण शामिल है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई, जिससे सदन में बहस तेज हो गई।
आसन की ओर कागज फेंके गए
हालांकि, चेयर पर बैठे कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण से जुड़े विषयों तक सीमित रहने को कहा। इसके बावजूद राहुल गांधी बोलते रहे, जिसके बाद चेयर ने अगला वक्ता घोषित कर दिया। इससे नाराज विपक्षी सांसदों ने चेयर के फैसले का विरोध किया और हंगामा शुरू हो गया। कुछ सांसद मेज पर चढ़ने की कोशिश करने लगे और आसन की ओर कागज फेंके गए, जिससे सदन का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।