इस राज्य में आवारा पशु पालने पर मिलेंगे महीने के 12 हजार रुपये, जानिए कौन-सी है स्कीम

उत्तराखंड सरकार ने आवारा पशुओं को सड़कों और खेतों से हटाने के लिए दो योजनाएं शुरू की हैं। ग्रामीण लोग पशुओं को आश्रय देकर हर महीने 12 हजार रुपये तक कमा सकते हैं। इसका मकसद पशु संरक्षण और फसल सुरक्षा है।

Priya Shandilya( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
अपडेटेड18 Jan 2026, 06:00 PM IST
उत्तराखंड सरकार की अनोखी पहल, आवारा पशु पालने पर मिलेंगे 12 हजार रुपये (सांकेतिक तस्वीर)
उत्तराखंड सरकार की अनोखी पहल, आवारा पशु पालने पर मिलेंगे 12 हजार रुपये (सांकेतिक तस्वीर)

उत्तराखंड सरकार ने सड़कों और खेतों में घूम रहे आवारा मवेशियों की समस्या को हल करने के लिए दो नई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का मकसद है कि पशुओं को सुरक्षित आश्रय, खाना और इलाज मिले, साथ ही किसानों की फसलें भी बचें। खास बात यह है कि जो लोग इन पशुओं को अपने पास रखेंगे, उन्हें हर महीने अच्छी-खासी रकम भी मिलेगी।

शुरू की गई हैं ये योजनाएं

अधिकारियों के मुताबिक, पशुपालन विभाग की ओर से दो योजनाएं- ग्राम गौर सेवक योजना और गौशाला योजना शुरू कि गई है। ये दोनों योजनाएं केवल ग्रामीण इलाकों में लागू होंगी। मकसद है सड़कों और खेतों में घूम रहे निराश्रित पशुओं को सुरक्षित जगह देना और किसानों को नुकसान से बचाना।

पशुओं की देखभाल भी, फसलों की सुरक्षा भी

पिथौरागढ़ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा के अनुसार, इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आवारा पशुओं को आश्रय, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं देना है। साथ ही इससे फसलों को होने वाले नुकसान को भी रोका जा सकेगा, जो किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

हर महीने 12 हजार कमाने का मौका

‘ग्राम गौर सेवक योजना’ के तहत कोई भी व्यक्ति अधिकतम पांच नर आवारा पशुओं को अपने पास रख सकता है। इसके बदले उसे 80 रुपये प्रति पशु के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। खास बात यह है कि इन पशुओं का इलाज और स्वास्थ्य देखभाल पूरी तरह निशुल्क होगी।

इस तरह पांच पशुओं को पालने पर पशुपालन विभाग की ओर से हर महीने करीब 12 हजार रुपये मिलेंगे। फिलहाल जिले में छह लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।

जितने पशु, उतना भुगतान

दूसरी योजना ‘गौशाला योजना’ है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपने गौसदन में कितने भी निराश्रित पशुओं को रख सकता है। यहां भी प्रति पशु 80 रुपये का भुगतान तय किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, जिले के मुनस्यारी और बारावे क्षेत्र में दो गौशालाएं पहले से संचालित हो रही हैं, जहां कुल 225 निराश्रित पशुओं को आश्रय और भोजन दिया जा रहा है।

इन योजनाओं से एक ओर आवारा पशुओं की समस्या कम होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आमदनी का रास्ता भी खुला है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़न्यूज़इस राज्य में आवारा पशु पालने पर मिलेंगे महीने के 12 हजार रुपये, जानिए कौन-सी है स्कीम
More
बिजनेस न्यूज़न्यूज़इस राज्य में आवारा पशु पालने पर मिलेंगे महीने के 12 हजार रुपये, जानिए कौन-सी है स्कीम