लद्दाख में आकाश प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण, स्वदेशी तकनीक से वायु रक्षा क्षमता में इजाफा

भारत ने लद्दाख में आकाश प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जो 4,500 मीटर की ऊंचाई पर भी प्रभावी है। यह स्वदेशी तकनीक से बनी वायु रक्षा प्रणाली है, जिसने दो तेज गति वाले लक्ष्यों को मार गिराया। इससे भारत की वायु सुरक्षा क्षमताओं को मजबूती मिली है।

एडिटेड बाय Anjali( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
पब्लिश्ड18 Jul 2025, 11:03 AM IST
लद्दाख में आकाश प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण(pixabay)
लद्दाख में आकाश प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण(pixabay)

भारत ने लद्दाख में आकाश प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय बताया कि इस हथियार प्रणाली को समुद्रतल से 4,500 मीटर की ऊंचाई पर संचालित करने के लिए तैयार किया गया है।

भारत की एक और बड़ी उपलब्धि

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की स्वदेशी रूप से विकसित वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) के असाधारण प्रदर्शन के बाद आई है।

आकाश प्राइम मिसाइल भारतीय सेना के लिए तैयार आकाश हथियार प्रणाली का उन्नत संस्करण है। लद्दाख में मिसाइल का परीक्षण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के करीब है।

क्या ऊंचाई पर सफल परीक्षण से वायु रक्षा में बढ़त मिली?

रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘भारत ने 16 जुलाई को भारतीय सेना के लिए तैयार आकाश हथियार प्रणाली के उन्नत संस्करण आकाश प्राइम ने लद्दाख में ऊंचाई पर दो तेज गति वाले मानव रहित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।’

इसमें कहा गया है कि हथियार प्रणाली को समुद्रतल से 4,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर संचालित करने के लिए तैयार किया गया है और इसमें स्वदेशी रूप से विकसित रेडियो फ्रीक्वेंसी सीकर सहित नवीनतम प्रौद्योगिकी को समायोजित किया गया है।

रक्षा विभाग के अनुसार, ‘उपयोगकर्ताओं से प्राप्त परिचालन फीडबैक के आधार पर परिचालन प्रभावशीलता में सुधार के लिए विभिन्न उन्नयन किए गए हैं, जो स्वदेशी हथियार प्रणाली के लिए बनाए गए पारिस्थितिकी तंत्र (Indigenous Systems Ecosystem) के लाभ को प्रदर्शित करता है।’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ‘उल्लेखनीय उपलब्धि’ के लिए भारतीय सेना, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और उद्योग जगत की सराहना की। उन्होंने इस सफलता को भारत की वायु रक्षा क्षमताओं, विशेष रूप से अधिक ऊंचाई पर परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम बताया।

सेना डीआरडीओ की संयुक्त सफलता

मंत्रालय ने कहा, ‘सेना, वायु रक्षा और डीआरडीओ ने भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड जैसे रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों, अन्य उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित आकाश प्राइम हथियार प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।’

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