कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेस्सी की मौजूदगी वाले बहुचर्चित आयोजन के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के मंत्री अरूप बिस्वास और सुजीत बोस की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। अधिकारी का आरोप है कि टिकट बिक्री में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ और इसकी रकम इन मंत्रियों के जरिए तृणमूल कांग्रेस तक पहुंची। उनका कहना है कि अव्यवस्था के चलते राज्य की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हुई।
स्टेडियम में अव्यवस्था, भाजपा का विरोध प्रदर्शन
शुभेंदु अधिकारी करीब 30 भाजपा विधायकों के साथ स्टेडियम का निरीक्षण करने पहुंचे, लेकिन गेट बंद होने के कारण उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने बिधाननगर पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और हिंसा व तोड़फोड़ के आरोप में गिरफ्तार किए गए छह दर्शकों की रिहाई की मांग की। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भारी कीमत चुकाने के बावजूद दर्शकों को मेस्सी की झलक तक नहीं मिली, जो प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।
न्यायिक हस्तक्षेप की मांग, हाईकोर्ट पहुंची भाजपा
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने दो अन्य अधिवक्ताओं के साथ मिलकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका में इस पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने और राज्य सरकार से मुक्त एक जांच समिति गठित करने की मांग की गई है, ताकि वित्तीय अनियमितताओं और आपराधिक लापरवाही की जांच हो सके। इस मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में होने की संभावना है।
TMC ने लगाया भाजपा पर राजनीति का आरोप
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी को विधानसभा में मुद्दा उठाना चाहिए, न कि सड़कों पर प्रदर्शन करना। पार्टी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खेल मंत्री अरूप बिस्वास का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, डीजीपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और एक पुलिस उपायुक्त को निलंबित कर दिया गया है। वामपंथी दलों ने भी जांच को लेकर सवाल खड़े किए हैं।