Swaraj Kaushal Passes Away: सीनियर वकील और मिजोरम के पूर्व गवर्नर स्वराज कौशल का निधन हो गया है। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति और BJP MP बांसुरी स्वराज के पिता स्वराज कौशल का गुरुवार को निधन हो गया। वे 73 साल के थे। उन्होंने 4 दिसंबर को आखिरी सांस ली। दिल्ली BJP ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर उनके निधन की खबर दी। साथ ही ये भी बताया कि उनका अंतिम संस्कार 4 दिसम्बर को सायं 4.30 बजे लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा।
स्वराज कौशल देश के प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिवक्ताओं में गिने जाते थे। वे मिजोरम के पूर्व राज्यपाल भी रहे और सार्वजनिक जीवन में उनकी पहचान बेहद ईमानदार और तेज सोच वाले प्रशासक की रही। राजनीति और कानून दोनों क्षेत्रों में अपनी मजबूत छाप छोड़ने वाले स्वराज कौशल का जाना देश के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
37 साल की उम्र में बन गए थे गवर्नर
स्वराज कौशल ने बहुत कम उम्र में वो मुकाम हासिल किया जो बड़े-बड़े नेताओं को नसीब नहीं होता है। साल 1990 में उन्हें मिजोरम का राज्यपाल बनाया गया था। उस वक्त उनकी उम्र महज 37 साल थी। देश के इतिहास में वे सबसे कम उम्र में गवर्नर बनने वाले शख्स थे। वे 1990 से 1993 तक इस पद पर रहे। इसके अलावा वे 1998 से 2004 तक हरियाणा से राज्यसभा सांसद भी रहे। सुप्रीम कोर्ट में वे सीनियर एडवोकेट थे और कई हाई-प्रोफाइल केस लड़ चुके हैं।
दिल्ली की सीएम ने जताया दुख
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज के पिता स्वराज कौशल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। एक पोस्ट में रेखा ने लिखा कि मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ अधिवक्ता श्री स्वराज कौशल जी के निधन की खबर दुखद है।
कौन थे स्वराज कौशल , जानें प्रोफाइल
स्वराज कौशल का जन्म 12 जुलाई 1952 को हुआ था। दिल्ली यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी से उन्होंने पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने वकालत शुरू की। स्वराज कौशल की पहचान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों में होती थी। वे छह साल तक राज्यसभा में सांसद रहे, साथ ही मिजोरम में राज्यपाल की भी जिम्मेदारी संभाली थी। स्वराज कौशल सबसे कम आयु में राज्यपाल का पद प्राप्त करने वाले व्यक्ति बने थे। 1975 में इनका विवाह सुषमा स्वराज के साथ में हुआ था।
इमरजेंसी में कोर्ट रूम में शुरू हुई थी लव स्टोरी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुषमा स्वराज और स्वराज कौशल की प्रेम कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। यह दो अलग विचारधाराओं का मिलन था। सुषमा जी जनसंघ (अब बीजेपी) की विचारधारा से जुड़ी थीं, जबकि स्वराज कौशल सोशलिस्ट बैकग्राउंड से आते थे। दोनों की मुलाकात 1975 में इमरजेंसी के दौरान हुई। दोनों ही युवा वकील थे और जॉर्ज फर्नांडिस की लीगल डिफेंस टीम का हिस्सा थे। कोर्ट में केस लड़ते-लड़ते दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे।