Pongal Gift Scheme: पोंगल का त्योहार तमिलनाडु में सिर्फ फसल कटाई का जश्न नहीं, बल्कि लोगों के बीच खुशी और एकता का प्रतीक भी है। इस मौके को खास बनाने के लिए राज्य सरकार ने इस साल बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने गुरुवार को पोंगल गिफ्ट स्कीम की शुरुआत की, जिसमें नकद राशि और त्योहार का पैकेज दोनों शामिल हैं।
क्या मिला लोगों को
इस योजना के तहत चावल श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को ₹3,000 नकद के साथ एक खास त्योहार पैकेज दिया जा रहा है। इसमें एक किलो कच्चा चावल, एक किलो चीनी, गन्ना, धोती और साड़ी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने खुद अलंदूर की एक फेयर प्राइस शॉप पर जाकर लाभार्थियों को यह सहायता सौंपी। यह सब राशन दुकानों के जरिए लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।,
कितने लोग होंगे लाभार्थी
करीब 2.22 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों को इसका फायदा मिलेगा। श्रीलंकाई पुनर्वास शिविरों में रह रहे परिवार भी इस योजना में शामिल हैं। सरकार ने नकद सहायता के लिए ₹6,936 करोड़ और गिफ्ट आइटम्स के लिए ₹248.66 करोड़ का बजट तय किया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने पहले ही फेयर प्राइस शॉप्स के जरिए टोकन बांट दिए थे, जिन पर वितरण का समय लिखा हुआ है।
4–5 दिनों में पूरा होगा वितरण
उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी विधानसभा क्षेत्र में वितरण की शुरुआत करते हुए बताया कि पूरी प्रक्रिया चार से पांच दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। इस मौके पर कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी मौजूद रहे।
क्यों खास है पोंगल?
पोंगल भारत के सबसे बड़े फसल त्योहारों में से एक है, खासकर तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में। यह त्योहार सूर्य देव को समर्पित होता है, जिनकी कृपा से खेती और जीवन चलता है। चार दिन तक चलने वाले इस पर्व की शुरुआत भोगी से होती है, जो पुराने को छोड़कर नए की ओर बढ़ने का प्रतीक है। पोंगल सिर्फ फसल का जश्न नहीं, बल्कि आभार, एकता और खुशियों का उत्सव है।