बांग्लादेश की राजनीति में आज की तारीख यानी 25 दिसंबर का दिन खास बन गया जब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान 17 साल से अधिक समय के आत्मनिर्वासन के बाद ढाका लौटे। लंदन से वापसी करते ही उनकी घर वापसी को आगामी फरवरी 2026 के आम चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। 60 वर्षीय तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं और उन्हें प्रधानमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।
समर्थकों का जनसैलाब, एयरपोर्ट रोड पर शक्ति प्रदर्शन
तारिक रहमान के स्वागत के लिए BNP समर्थकों और पार्टी नेताओं ने बनानी एयरपोर्ट रोड से ढाका एयरपोर्ट तक पैदल मार्च किया। हजारों की संख्या में लोग पार्टी झंडों और नारों के साथ सड़कों पर उतर आए। तारिक जिया के नारों से इलाका गूंज उठा। द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, तारिक रहमान अपनी पत्नी जुबैदा रहमान, बेटी जैमा रहमान और यहां तक कि परिवार की पालतू बिल्ली जीबू के साथ लंदन से ढाका पहुंचे, जो चर्चा का विषय बन गया।
बुलेटप्रूफ बस और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट पर BNP की स्थायी समिति के सदस्यों ने तारिक रहमान का स्वागत किया। इसके बाद उन्हें एक विशेष बुलेटप्रूफ बस में बैठाकर रैली स्थल की ओर ले जाया गया। भारी भीड़ के कारण एयरपोर्ट से 300 फीट लंबे मंच तक पहुंचने में उन्हें दो घंटे से अधिक समय लग गया। सुरक्षा बलों ने बस के चारों ओर घेरा बना रखा था। बस के आगे खड़े होकर तारिक रहमान लगातार समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन करते नजर आए।
अपनी मां से मिले तारिक रहमान
सुरक्षा कारणों से तारिक रहमान की पत्नी और बेटी को एयरपोर्ट से सीधे कड़ी सुरक्षा में घर भेज दिया गया। रैली के बाद तारिक रहमान अपनी बीमार मां, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से मिलने एवरकेयर अस्पताल पहुंचे। बता दें कि खालिदा जिया का यहां पर एक महीने से अधिक समय से इलाज चल रहा है।
राजनीतिक संकेत और बढ़ाई गई सुरक्षा
तारिक रहमान की वापसी से पहले उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस को फोन कर अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद दिया था। इस दौरान ली गई तस्वीर भी उन्होंने साझा की। छात्र नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के बाद देश में तनाव के माहौल को देखते हुए ढाका पुलिस ने हाई-प्रोफाइल रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तारिक की वापसी बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।