हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी को करारी हार का सामना करना पड़ा, बमुश्किल पार्टी नेता विपक्ष की कुर्सी पर दावा करने भर की सीटें बचा पाई। मंगलवार को बिहार विधानसभा में आधिकारिक तौर पर तेजस्वी यादव को नेता विपक्ष चुना गया था, उसके तुरंत बाद हो सदन से निकल गए थे। आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने दावा किया है कि तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा का सत्र को बीच में छोड़कर यूरोप के लिए रवाना हो गए हैं।
विधानसभा सत्र छोड़ यूरोप गए तेजस्वी
बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र बीच में छोड़कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव यूरोप टूर पर चले गए हैं। ये दावा आरजेडी के ही वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने किया है। अपने परिवार के साथ यूरोप दौरे पर निकले तेजस्वी यादव के रवैये से शिवानंद तिवारी काफी नाराज बताए जा रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी उठाने में सक्षम नहीं हैं और विपक्ष के लिए पूरा मैदान खाली है।
नेता विपक्ष बनते ही छोड़ा सदन?
मंगलवार को तेजस्वी यादव को बिहार विधानसभा में औपचारिक तौर पर नेता प्रतिपक्ष चुना गया था। बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष चुने जाने के तुरंत बाद तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र छोड़कर चले गए, उसके बाद से वो लगातार सदन से गायब रहे। तेजस्वी के इस रवैया पर उन्हीं की पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने उनपर जोरदार निशाना साधा है। शिवानंद ने यहां तक कह दिया कि तेजस्वी ने मैदान छोड़ दिया है।
तेजस्वी यादव में क्षमता नहींः शिवानंद
बिहार विधानसभा का सत्र बीच में ही छोड़कर परिवार के साथ यूरोप टूर पर निकले तेजस्वी यादव के रवैया पर हैरानी जताते हुए शिवानंद तिवारी ने उनकी कड़ी आलोचना की है। शिवानंद ने कहा कि तेजस्वी यादव अगले पांच साल तक विपक्षी दल के नेता की भूमिका निभाने में सक्षम नहीं है। दूसरी तरफ उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भी पांच साल तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने की संभावना पर संदेह जताया है।
राज्यपाल के अभिभाषण में गैरहाजिर रहे
तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भी गैरहाजिर रहे थे। बताया जा रहा है कि वो शीतकालीन सत्र बीच में छोड़कर दिल्ली रवाना हो गए, जहां उनकी पत्नी और बच्चे पहले ही चले गए थे। अब बताया जा रहा है कि तेजस्वी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दिल्ली से यूरोप की यात्रा पर निकल गए हैं। शिवानंद तिवारी ने भी दावा किया है कि तेजस्वी यादव सत्र बीच में छोड़कर यूरोप यात्रा पर निकल गए हैं।
क्या हार से हताश हो गए तेजस्वी?
इसी साल पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में प्रमुख विपक्षी पार्टी आरजेडी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। साल 2020 में 75 सीटें जीतने वाली आरजेडी को इस बार महज 25 सीटें मिली हैं, तेजस्वी यादव भी बड़ी मुश्किल से विधानसभा चुनाव जीत पाए। उसके बाद पार्टी के मुखिया लालू यादव ने तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष चुने जाने की घोषणा की थी। लेकिन चुनाव हारने के बाद तेजस्वी यादव का कोई बयान सामने नहीं आया, उसके बाद सदन के शीतकालीन सत्र से भी वो नदारद रहे। जिसके बाद राजनीति के जानकार सवाल उठा रहे हैं कि क्या तेजस्वी यादव का मनोबल टूट चुका है। अगर ऐसा नहीं है तो वो बिहार की जनता, अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गलत संदेश दे रहे हैं।