
बिहार विधानसभा चुनाव में लालू यादव की पार्टी आरजेडी की करारी हार हुई है और महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरे रहे तेजस्वी यादव को एक बार फिर नेता विपक्ष की कुर्सी से संतोष करना पड़ा है। विधानसभा चुनाव में मिली हार पर लंबी चुप्पी के बाद तेजस्वी यादव मीडिया के सामने आए और अपनी बात सबके सामने खुलकर रखी।
बिहार चुनाव में मिली हार के बात मीडिया के सामने आए तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई वाली सरकार लाना चाहते थे, चुनाव में बेरोजगारी असल मुद्दा था। महागठबंधन को मिली करारी हार पर तेजस्वी यादव ने कहा कि वहां एनडीए की जीत नहीं लोकतंत्र की हार हुई है।
तेजस्वी यादव ने बिहार चुनाव में हार के कारणों पर चर्चा करते हुए एक बार फिर नीतीश कुमार की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अपने 20 साल के कार्यकाल के दौरान एक चीनी मिल तक नहीं चालू करवा पाए। लोगों में एनडीए सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा था, लोग नहीं चाहते थे कि एक बार फिर एनडीए सरकार बने। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बेरोजगारी असल मुद्दा था।
तेजस्वी यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और पुराने कांग्रेस नेता रहे कपिल सिब्बल के एक शो में कहा कि उनकी हार बिहार में किसी को हजम नहीं हो रही है। कपिल सिब्बल के शो में जब उनसे पूछा गया कि जब साल 2020 में आरजेडी को 75 सीटें मिली थीं अब साल 2025 में महज 25 सीटें कैसे आईं? तब उन्होंने कहा कि यही बात बिहार की जनता को भी नहीं हजम हो रही है। बीजेपी, जेडीयू या सत्ता पक्ष के विधायक भी जो चुनाव जीते हैं वो भी विश्वास नहीं कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने कपिल सिब्बल के शो में कहा कि एनडीए ने बिहार में घूस देकर चुनाव जीता है, मतदान से ठीक पहले 40 हजार करोड़ रुपये बांट दिए गए। तेजस्वी ने चुनाव के दौरान इलेक्शन कमीशन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आचार संहिता लगने से 10 दिन पहले कैसे बिहार में 10-10 हजार रुपये बांट दिए गए और चुनाव आयोग ने इस पर चुप्पी साध ली।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार सबसे गरीब राज्य है, यहां कोई उद्योग और कारखाना नहीं है। सबसे ज्यादा बेरोजगारी और पलायन है। शिक्षा और स्वास्थ्य के बारे में बात की जाए तो सबसे फिसड्डी राज्यों में से है लेकिन बिहार की खूबी भी है कि ये देश का सबसे युवा प्रदेश भी है। जो असल बिहार का मुद्दा पूरे चुनाव में था, वो बेरोजगारी का था।
तेजस्वी यादव ने कहा कि 20 साल तक नीतीश कुमार ने शासन किया, 11 साल से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, डबल इंजन की सरकार है लेकिन एक शुगर मिल तक चालू नहीं करा पाए। कभी भी इन लोगों की जुबान से बेरोजगारी दूर करने, रोजगार देने या सकारात्मक बातें नहीं निकली। तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने बहुत सारी सीटें एक हजार से कम वोटों के अंतर से हारी हैं, एनडीए और महागठबंधन के बीच महज 12 हजार वोटों का अंतर था।
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