Campaign to prepare a list of houses: हर 10 वर्ष में होने वाली जनगणना इस बार 15 वर्ष बाद शुरू होने जा रही है। जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होगा जिसमें घरों की सूची तैयार की जाएगी। यह सूची तैयार करने के लिए जनगणना अधिकारी क्या-क्या प्रश्न पूछेंगे, इसकी भी जानकारी सामने आ गई है। दरअसल, सरकार ने 22 जनवरी, गुरुवार को एक गजट नोटिफिकेशन जारी कर बता दिया है कि पहले चरण की जनगणना में क्या-क्या सवाल किए जाएंगे।
घरों की सूची बनाने के लिए आपसे होंगे ये सवाल
भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने गुरुवार को प्रकाशित एक गजट नोटिफिकेशन में घर के फर्श और छत में प्रयुक्त सामग्री, वहां रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, घर का मुखिया पुरुष है या महिला, उपभोग किए जाने वाले अनाज का प्रकार, बुनियादी एवं आधुनिक आवश्यकताओं तक पहुंच और स्वामित्व वाले वाहनों के प्रकार जैसे प्रश्न सूचीबद्ध किए हैं। अधिसूचना में कहा गया है, 'केंद्र सरकार निर्देश देती है कि सभी जनगणना अधिकारी भारत की जनगणना 2027 के संबंध में आवास गणना और घर-सूचीकरण के माध्यम से जानकारी एकत्र करने के लिए उक्त सभी सूचीबद्ध प्रश्न पूछ सकते हैं।'
आपसे क्या-क्या जानना चाहेंगे जनगणना अधिकारी, देखिए लिस्ट
प्रश्नों की शुरुआत भवन संख्या, मकान के फर्श, दीवारों और छत में प्रयुक्त मुख्य सामग्री के बारे में पूछकर की जाएगी। इसके बाद जनगणना अधिकारी मकान के उपयोग, उसकी स्थिति और उसमें रहने वाले व्यक्तियों की संख्या के बारे में पूछेंगे। जनगणना अधिकारी मकान के मुखिया के बारे में भी जानकारी एकत्र करेंगे, जैसे नाम और वे महिला हैं या पुरुष, क्या मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य समुदायों से संबंधित है और संपत्ति का स्वामी कौन है।
30 दिन में समाप्त हो जाएगा घरों की सूची तैयार करने का अभियान
जनगणना 2027 का पहला चरण घरों की सूची तैयार करने का अभियान है। यह अभियान 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा निर्दिष्ट 30 दिनों की अवधि के दौरान होगा। उधर, जम्मू-कश्मीर में 1 से 30 जून तक घरों की सूची तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के बारे में केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय जनगणना समन्वय समिति द्वारा निर्णय किया गया है, जिसकी बैठक यहां मंगलवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में हुई थी।
भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनणगना
अधिकारियों ने यह भी कहा कि सरकार 31 जनवरी तक आवश्यक अधिसूचना जारी कर देगी। जनगणना के तहत किए जाने वाले कार्यों का क्रम- प्रशिक्षण, स्व-गणना, घरों की सूची बनाना और आबादी की गणना करना है। इस बार भारत की पहली पूर्ण रूप से डिजिटल जनगणना होगी।