Amit Shah Sudip Bandyopadhyay Meeting: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। उनके साथ पार्टी की बागी सांसद शताब्दी रॉय भी थीं। बंद्योपाध्याय और यादव की मुलाकात ने पार्टी के भीतर जारी संकट के बीच नई राजनीतिक अटकलों को पैदा कर दिया है, जिससे यह सवाल उठने लगे कि क्या वरिष्ठ सांसद बंद्योपाध्याय बागी गुट में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये अटकलें तब और तेज हो गईं जब बंद्योपाध्याय ने यादव से मुलाकात के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी कथित तौर पर मुलाकात की।
सोमवार को TMC के बागी MP मान्यता की करेंगे मांग
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर स्वयं को मूल तृणमूल कांग्रेस संसदीय समूह के रूप में मान्यता देने की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं। बंद्योपाध्याय के इस कदम पर कोलकाता में TMC के उन नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जो अभी भी पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी के साथ बने हुए हैं।
आज दोपहर में हुई मुलाकात
बंद्योपाध्याय सांसद शताब्दी रॉय के साथ दोपहर में राष्ट्रीय राजधानी के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित भाजपा नेता के आवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने बैठक की। यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में गहराते संकट के बीच सामने आया है, जहां बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया कि 19 लोकसभा सदस्य बागी गुट का समर्थन कर रहे हैं।
बंद्योपाध्याय के टूटने के बाद 20 हो जाएगी बागी सांसदों की संख्या
अगर बंद्योपाध्याय भी उनके साथ शामिल हो जाते हैं, तो बागी गुट के सांसदों की संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी। बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने घोषणा की है कि यह गुट मान्यता मिलने के बाद संसद में भाजपा-नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन देगा। कोलकाता उत्तर सीट से लोकसभा सांसद बंद्योपाध्याय तृणमूल कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक हैं और लंबे समय से उन्हें पार्टी नेतृत्व और दिल्ली की राजनीतिक व्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में देखा जाता है।
TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने दी तीखी प्रतिक्रिया
बंद्योपाध्याय के कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि कोलकाता उत्तर के सांसद की सत्ता और पद की लालसा के कारण ही TMC ने कई महत्वपूर्ण नेताओं को भाजपा के हाथों खो दिया। घोष ने कहा, ''तापस रॉय और सजल घोष ने पार्टी को सुदीप दा की व्यक्तिगत असुरक्षाओं और पार्टी के भीतर सत्ता और पद की लालसा के कारण छोड़ दिया। मुझे पहले पार्टी से इसलिए निलंबित कर दिया गया था क्योंकि मैंने उनके खिलाफ और तापस दा जैसे वरिष्ठ नेताओं के पक्ष में आवाज उठाई थी। अब नेतृत्व को यह एहसास हो जाना चाहिए कि उन्होंने पहले किस तरह के व्यक्ति का समर्थन किया था।''
उन्होंने आगे कहा, ''इस हफ्ते की शुरुआत में, जब CID ने ममता बनर्जी के आवासीय परिसर में छापा मारा था, तब मुझे सुदीप दा का फोन आया, जिसमें उन्होंने पूछा कि मैं कहां हूं। जब मैंने उन्हें बताया कि मैं पहले से ही दीदी के घर पर हूं, तो उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी नयना (तृणमूल कांग्रेस विधायक) जल्द ही वहां पहुंच जाएंगी। मैं इंतजार करता रहा, लेकिन वह कभी नहीं आईं। इसके बजाय, अब सुदीप दा खुद भाजपा के दरवाजे पर पहुंच गए हैं।''