मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने गठबंधन की औपचारिक घोषणा कर दी। आज मुंबई में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मंच पर नजर आए। दोनों नेताओं ने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को श्रद्धांजलि देने के बाद गठबंधन का ऐलान किया, जिससे महीनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया।
मराठी मानुष और महाराष्ट्र सर्वोपरि
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि दोनों दल साथ रहने के लिए एक साथ आए हैं और मराठी मानुष के हितों की रक्षा उनकी प्राथमिकता रहेगी। वहीं राज ठाकरे ने साफ शब्दों में कहा कि महाराष्ट्र किसी भी आपसी मतभेद से बड़ा है। उन्होंने ऐलान किया कि मुंबई का महापौर मराठी होगा और गठबंधन का ही होगा। इस बयान को गठबंधन की सियासी दिशा और संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
सीट बंटवारे पर संकेत, नासिक से शुरुआत
हालांकि बीएमसी चुनाव के लिए सीट बंटवारे का औपचारिक खाका साझा नहीं किया गया, लेकिन उद्धव ठाकरे ने बताया कि नासिक नगर निगम के लिए सीटों का बंटवारा अंतिम रूप ले चुका है, जहां 15 जनवरी को चुनाव होने हैं। इसके अलावा मुंबई और राज्य के 27 अन्य नगर निगमों में भी चुनाव प्रस्तावित हैं। उद्धव ने भाजपा पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए कहा कि जो लोग भाजपा में हो रही गतिविधियों से असहज हैं, वे उनके साथ आ सकते हैं।
गठबंधन से दोनों दल के समर्थक उत्साहित
UBT-MNS गठबंधन से दोनों दलों के समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने इसे महाराष्ट्र के लिए शुभ क्षण बताया। इस बीच, नगर निगम चुनावों से पहले पवार परिवार के भीतर भी सियासी समीकरण बदलने के संकेत मिल रहे हैं। एनसीपी (एसपी) और अजित पवार गुट के बीच पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में संभावित गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिससे राज्य की स्थानीय राजनीति और अधिक रोचक हो गई है।