वह सिर्फ 17 वर्ष की है। उसे चिकनी-चुपड़ी बातों में फांसने वाला 42 वर्ष का। वह मासूम उत्तर प्रदेश की है, वह दरिंदा बिहार का। नाम है- राकेश वर्मा। उस मासूम ने दुनिया का पहला रंग देखा तो ऐसा वह चाहकर भी कभी भूल न पाए। राकेश पर आरोप है कि उसने यूपी के बलिया जिले की बैरिया थाना की रहने वाली नौवीं कक्षा की छात्रा को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया और उसका छह महीने तक रेप किया।
लापता हो गई थी नाबालिग लड़की
पुलिस के अनुसार, बैरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली नाबालिग को उसकी मां ने 30 जुलाई, 2025 की सुबह मोबाइल फोन से किसी शख्स से बात करने पर फटकार लगाई थी। लड़की मां की डांट के बाद लापता हो गई। उसने किसी को कुछ नहीं बताया और कहीं चली गई। परिजनों ने काफी तलाश किया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
छह महीने बाद गुजरात में मिली लड़की
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने लड़की की मां की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की अपहरण से संबंधित धारा 137(2) में मुकदमा दर्ज किया। बैरिया थाने के प्रभारी विपिन सिंह ने मंगलवार को बताया कि पुलिस ने मामले की छानबीन करते हुए गुजरात के वलसाड से रविवार को नाबालिग लड़की को मुक्त करा लिया।
हवसी के जाल में फंसकर भागी थी लड़की
उनके मुताबिक, लड़की ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया है कि बिहार के पटना जिले के राकेश कुमार वर्मा से मोबाइल फोन के जरिए उसका संपर्क हुआ और मां की फटकार के बाद राकेश ने उसे प्रेम जाल में फंसा लिया। उसने नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसे अगवा कर लिया और उसे लेकर गुजरात के वलसाड गया, जहां राकेश ने उसके साथ लगातार बलात्कार किया।
आरोपी पर लगी पॉक्सो एक्ट की धारा
एसएचओ विपिन सिंह ने बताया कि लड़की के बयान के आधार पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की बलात्कार से संबंधित धारा 65 (1) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो अधिनियम) की धारा जोड़ी गई है। थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस ने आरोपी वर्मा को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।