यूपी बीजेपी को मिला नया चेहरा? पंकज चौधरी का नामांकन, UP BJP अध्यक्ष की तस्वीर साफ

यूपी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर तस्वीर साफ हो चुकी है। केंद्रीय मंत्री और सात बार के सांसद पंकज चौधरी ने नामांकन दाखिल कर दिया है और किसी अन्य दावेदार के न होने से उनका अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है। कुर्मी समाज से आने वाले पंकज चौधरी के पास लंबा राजनीतिक अनुभव है।

Rishabh Shukla
अपडेटेड13 Dec 2025, 08:11 PM IST
सीएम योगी की मौजूदगी में पंकज चौधरी का नामांकन
सीएम योगी की मौजूदगी में पंकज चौधरी का नामांकन

उत्तर प्रदेश बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो गई है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महराजगंज लोकसभा सीट से सांसद पंकज चौधरी ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए आज अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, वरिष्ठ भाजपा नेता महेंद्र नाथ पांडे और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की मौजूदगी ने इस संकेत को और मजबूत कर दिया है कि पंकज चौधरी का नाम लगभग तय है। अब तक किसी अन्य नेता ने नामांकन नहीं किया है और रविवार को औपचारिक घोषणा की संभावना जताई जा रही है।

कुर्मी चेहरे से ओबीसी समाज को साधने की कोशिश

अगर पंकज चौधरी प्रदेश अध्यक्ष बनते हैं तो वे कुर्मी समाज से आने वाले चौथे प्रदेश अध्यक्ष होंगे। इससे पहले विनय कटियार, ओम प्रकाश सिंह और स्वतंत्र देव सिंह इस जिम्मेदारी को संभाल चुके हैं। पार्टी के भीतर इसे ओबीसी राजनीति और पूर्वांचल में संगठन को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। कुर्मी, पटेल और सैंथवार समाज में पंकज चौधरी की मजबूत पकड़ मानी जाती है। समर्थकों का मानना है कि संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने के लिए पार्टी ने एक अनुभवी और जमीनी नेता को आगे किया है।

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पार्षद से सांसद तक का लंबा राजनीतिक सफर

पंकज चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1989 में नगर निगम गोरखपुर के पार्षद के रूप में की थी और उसी चुनाव में वे उपसभापति भी बने। 1991 में महज 27 साल की उम्र में उन्हें महराजगंज लोकसभा सीट से बीजेपी ने मैदान में उतारा और वे सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने 1991, 1996, 1998, 2004, 2014, 2019 और 2024 में जीत दर्ज की। पंकज चौधरी को साल 1999 और साल 2009 में हार का सामना करना पड़ा। 2024 में कड़ी चुनौती के बावजूद उन्होंने 35,451 मतों से जीत दर्ज कर सातवीं बार संसद पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया।

BJP के वफादार सिपाही हैं पंकज चौधरी

पंकज चौधरी को पार्टी का निष्ठावान और भरोसेमंद नेता माना जाता है। सियासी परिस्थितियां चाहे जैसी रही हों, वे हर दौर में बीजेपी के साथ मजबूती से खड़े रहे। तराई और पूर्वांचल क्षेत्र में पार्टी का जनाधार बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका रही है। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी छवि एक सहज, सरल और सुलभ नेता की रही है। जिला पंचायत पर उनके परिवार की मजबूत पकड़ ने भी क्षेत्रीय राजनीति में उनकी स्थिति को और मजबूत किया है, जिसे सपा और बसपा शासन काल में भी चुनौती नहीं दी जा सकी।

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केंद्र में मंत्री पद के बाद अब संगठन में बड़ी जिम्मेदारी

पंकज चौधरी वर्तमान में केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री हैं। पंकज चौधरी को मोदी सरकार में साल 2021 में पहली बार मंत्री बनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में अपने तीसरे कार्यकाल में भी पंकज चौधरी पर भरोसा बरकरार रखा और उन्हें मंत्री बनाया। करीब साढ़े तीन दशक की राजनीतिक यात्रा, संगठनात्मक अनुभव और चुनावी मजबूती को देखते हुए पार्टी अब उन्हें यूपी बीजेपी की कमान सौंपने की तैयारी में है। इसे 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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