UP Minimum Wage: नोएडा-गाजियाबाद में 21% बढ़ा न्यूनतम वेतन, हिंसा के बीच घरेलू सहायिकाओं का भी फूटा गुस्सा

उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 3,000 रुपये तक की अंतरिम बढ़ोतरी की है। इस बीच नोएडा में घरेलू सहायिकाओं और राजस्थान के भिवाड़ी में भी प्रदर्शन तेज हो गया है।

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड14 Apr 2026, 09:52 PM IST
वेतन वृद्धि की मांग पर प्रदर्शन करते मजदूर।
वेतन वृद्धि की मांग पर प्रदर्शन करते मजदूर।(PTI)

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नोएडा और गाजियाबाद के लाखों श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम वेतन में 21 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। यह नई दरें 1 अप्रैल, 2026 से लागू मानी जाएंगी। औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने साफ किया है कि यह कदम श्रमिकों को तत्काल राहत देने के लिए उठाया गया है।

यह खबर उन सभी कामगारों के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे। हालांकि, वेतन बढ़ने के बावजूद नोएडा में घरेलू सहायिकाओं का गुस्सा फूट पड़ा है और इसका असर अब राजस्थान के भिवाड़ी तक पहुंच गया है।

श्रमिकों के वेतन में कितनी हुई बढ़ोतरी?

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश पर नोएडा और गाजियाबाद के अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में करीब 3,000 रुपये की वृद्धि की गई है। अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया गया है। अर्धकुशल श्रमिकों को अब 12,445 रुपये के बजाय 15,059 रुपये मिलेंगे, जबकि कुशल श्रमिकों का वेतन 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 20,000 रुपये न्यूनतम वेतन की खबरें भ्रामक हैं।

श्रमिक श्रेणीपुराना वेतन ( )नया वेतन ( )
अकुशल (Unskilled)11,31313,690
अर्धकुशल (Semi-skilled)12,44515,059
कुशल (Skilled)13,94016,868

घरेलू सहायिकाओं ने घेरी हाउसिंग सोसायटियां

श्रमिकों का आंदोलन शांत होने के बाद अब घरेलू सहायिकाएं सड़कों पर उतर आई हैं। मंगलवार को नोएडा के सेक्टर 121 स्थित प्रीमियम हाउसिंग सोसायटियों, जैसे 'क्लियो काउंटी' और सेक्टर 70-121 के इलाकों में सैकड़ों महिलाओं ने प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि महीने में 4 छुट्टियां दी जाएं और न्यूनतम वेतन तय किया जाए। प्रदर्शनकारी शिवकुमारी ने कहा, '2,500-3,000 रुपये में घर चलाना मुश्किल है, जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, हम काम पर नहीं लौटेंगे।'

भिवाड़ी में 'मदरसन' कंपनी के बाहर भारी हंगामा

नोएडा के आंदोलन की आग अब राजस्थान के भिवाड़ी तक पहुंच गई है। मंगलवार को पथरेडी स्थित 'मदरसन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के श्रमिकों ने काम बंद कर संयंत्र को घेर लिया। महिला श्रमिकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें शौचालय जाने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती है और एक दिन की छुट्टी पर 900 रुपये काट लिए जाते हैं। पुलिस और प्रशासन मौके पर मौजूद है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

हिंसा और गिरफ्तारियों पर प्रशासन का सख्त रुख

यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि नोएडा में हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है और 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं। गौतमबुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है।

विपक्ष का हमला: अखिलेश यादव और कांग्रेस ने घेरा

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई बढ़ रही है, जिससे श्रमिक और मध्यम वर्ग दोनों परेशान हैं।' वहीं, कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि सरकार ने लेबर लॉ खत्म कर नए लेबर कोड लागू किए हैं, जिससे मजदूरों का शोषण बढ़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि 12,000 रुपये की कमाई में मजदूर अपना घर कैसे चलाएगा।

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