UP में CM योगी ने किया बड़ा ऐलान, शिक्षा मित्रों को मिलेंगे 18000 रुपये

UP Siksha Mitra Salary: यूपी में 1.70 लाख शिक्षा मित्र और अनुदेशकों को योगी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। शिक्षा मित्रों को अब 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए हर महीने मिलेंगे। अभी तक दोनों को 10 हजार रुपए ही मिल रहे थे।

Jitendra Singh
अपडेटेड20 Feb 2026, 05:36 PM IST
CM योगी आदित्यनाथ
CM योगी आदित्यनाथ

UP Siksha Mitra Salary: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ा ऐलान किया है। राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में शिक्षा मित्रों को 18 हजार रुपये और अनुदेशकों को 17 हजार रुपये महीना देने का ऐलान किया है। आपको बता दें कि यूपी में काफी लंबी समय से शिक्षा मित्र और अनुदेशक सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे। अब सीएम योगी ने उन्हें बड़ा तोहफा दिया है।

सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के हित में यह कदम उठाया है। पहले सपा सरकार में इन्हें मात्र 3000 रुपये मिलते थे। हमारी सरकार ने 2017 में ही 10,000 किया था। अब महंगाई को देखते हुए एक साथ 8,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। शिक्षकों के लिए पांच लाख कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।

1.50 लाख शिक्षा मित्रों को बड़ी राहत

राज्य सरकार के इस ऐलान से राज्य में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षा मित्रों को बड़ी राहत मिली है। यह सभी संविदा पर काम करते हैं। माना जा रहा है कि राज्य सरकार का यह ऐलान आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर है। सरकार के इस ऐलान के जरिए यूपी में शिक्षा मित्रों की सैलरी में 80% का इजाफा हुआ है।

यह भी पढ़ें | ₹50 लाख से अधिक सैलरी वालों पर IT विभाग की कार्रवाई, जानें कैसे खुली पोल

9 साल बाद बढ़ा शिक्षा मित्रों का मानदेय

यूपी में 1.42 लाख शिक्षामित्र और 28 हजार से अधिक अनुदेशक हैं। शिक्षा मित्रों को 11 महीने का ही सैलरी मिलती है। 2014-15 में सपा ने शिक्षा मित्रों को स्थाई कर दिया था। हालांकि बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द हो गया था। भाजपा सरकार ने जुलाई, 2017 में 10 हजार रुपये मानदेय तय किया था। इससे पहले उन्हें तीन हजार रुपए हर महीने मिलते थे। अब शिक्षा मित्रों का ट्रांसफर भी होगा।

यह भी पढ़ें | अब दफ्तरों के चक्कर खत्म! एक फोन कॉल पर मिलेगी किसानों को हर योजना की जानकारी

शिक्षा मित्रों का सफर रहा उतार-चढ़ाव भरा

  • 2001 में नियुक्ति के समय मात्र 1500 रुपये सैलरी मिलती थी।
  • एक साल में बढ़ाकर 2250 किया गया।
  • 2005 में मुलायम सिंह सरकार ने 150 रुपये बढ़ाकर 2400 किया।
  • मायावती सरकार में 600 रुपये बढ़ाकर 3000 कर दिया गया। उसी दौरान शिक्षा मित्रों के लिए दो वर्षीय बीटीसी कोर्स शुरू हुआ।
  • 2014 में कोर्स पूरा होने पर अखिलेश सरकार ने जुलाई में उन्हें पूर्णकालिक अध्यापक बना दिया, तब 43 हजार रुपये मिलते थे।
  • लेकिन 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर समायोजन रद्द हो गया।
  • 1 अगस्त 2017 से फिर शिक्षा मित्र पद पर वापस, मानदेय 3500 रुपये था।
  • योगी सरकार ने उसी साल 10 हजार रुपये कर दिया, जो अब तक चल रहा था।

विश्वविद्यालयों की ओर से 5000 से ज्यादा पेटेंट की फाइलिंग

सीएम योगी ने कहा, विश्वविद्यालयों की ओर से 5000 से ज्यादा पेटेंट की फाइलिंग हुई है, जिसमें 300 से ज्यादा स्वीकृत हो चुके हैं। 2017 के पहले निजी विश्वविद्यालयों की स्वीकृति के लिए पिक एंड चूज किया जाता था। प्रदेश के छह मंडल तो ऐसे थे कि जहां एक भी विश्वविद्यालय नहीं था।

यह भी पढ़ें | UP: प्रयागराज में भारतीय वायु सेना का विमान हुआ क्रैश, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

सीएम योगी ने कहा कि हमने मां शाकुभरी विश्वविद्यालय की स्थापना की। अब इन मंडलों में विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। हम सिर्फ राज्य के ही विश्वविद्यालय नहीं बना रहे हैं बल्कि निजी विश्वविद्यालय को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इसके साथ ही विदेशी विश्वविद्यालयों को बुला रहे हैं जिससे कि शिक्षा के क्षेत्र में स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा कर सकें।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होमन्यूज़UP में CM योगी ने किया बड़ा ऐलान, शिक्षा मित्रों को मिलेंगे 18000 रुपये
More