अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने उनकी शर्तें नहीं मानीं, तो वह वहां के पावर प्लांट और पुलों को उड़ा देंगे। जवाब में ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह चुप नहीं बैठेगा।
ईरान की दो-टूक: 'जैसे को तैसा' जवाब मिलेगा
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि अगर अमेरिका उनके इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाता है, तो वे भी 'जैसे को तैसा' जवाब देंगे। बघाई के मुताबिक, ईरान की सेना उन सभी अमेरिकी संपत्तियों या इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगी जो अमेरिका से जुड़े हैं या ईरान के खिलाफ हमले में मदद करेंगे।
'अमेरिका के लिए नर्क बनेंगे हालात'
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालीबाफ ने डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आपकी लापरवाह चालें अमेरिका के हर परिवार को एक 'नर्क' की ओर धकेल रही हैं। आप नेतन्याहू के आदेशों पर चल रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र जल जाएगा।' गालीबाफ ने जोर देकर कहा कि युद्ध अपराधों से कुछ हासिल नहीं होगा और एकमात्र समाधान ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करना है।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी और डेडलाइन
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में धमकाया था। उन्होंने 'एक्सियोस' को दिए इंटरव्यू में कहा, 'अगर वे डील नहीं करते हैं, तो मैं वहां सब कुछ उड़ा दूंगा।' ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मंगलवार का दिन ईरान में 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और उनकी शर्तें मानने को कहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और बढ़ता संकट
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान का सबसे बड़ा पुल पहले ही गिराया जा चुका है और यह तो सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, ईरान के पास डील करने का यह आखिरी मौका है। यह पूरा विवाद रणनीतिक रूप से अहम समुद्री रास्ते 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर है, जिसे ईरान ने बंद करने या उस पर नियंत्रण की बात कही है।