US Iran War: सीजफायर के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर ठंडे पड़ते नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने सीजफायर के बाद बड़ा बयान दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में सकारात्मक सत्ता परिवर्तन हुआ है। हमारी 15 शर्तों में से कई शर्तों पर ईरान राजी हुआ है। इनमें से कुछ पर पहले से सहमति बन गई है। ट्रंप ने कहा कि अब यूरेनियम का संवर्धन नहीं किया जाएगा। अमेरिका अब ईरान के साथ मिलकर काम करेगा। इसके साथ ही ट्रंप ने ये भी कहा है कि ईरान को हथियार देने वाले देशों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर ट्रंप ने यह जानकारी दी है।
ट्रंप ने ये भी बताया कि पूरे क्षेत्र पर कड़ी सैटेलाइट निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी गतिविधि पर नजर रखी जा सके। ट्रंप के अनुसार, हमले के बाद से अब तक उस साइट पर किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है। ट्रंप ने ये भी संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत को लेकर बातचीत चल रही है। इसमें से 15 में से कई बिंदुओं पर सहमति भी बन गई है।
ईरान का प्रस्ताव
तेहरान ने कहा है कि उसने अमेरिका को अपनी 10 सूत्रीय योजना को स्वीकार करने पर मजबूर कर दिया है, जिसमें प्रतिबंध हटाना और उसके परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को स्वीकार करना शामिल है। ईरान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि इस संघर्ष विराम योजना के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का लगातार नियंत्रण, परमाणु संवर्धन की स्वीकृति और सभी प्रकार के प्रतिबंधों को हटाना जरूरी होगा।
ईरान के पास कितना यूरेनियम?
माना जाता है कि इस समय ईरान के पास लगभग 440 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे 60 प्रतिशत कर संवर्धित किया जा चुका है। यह वह स्तर है, जिसके बाद परमाणु हथियार बनाने के लिए जरूरी 90 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंचना बहुत तेज हो जाता है। ईरान के पास जितनी मात्रा में यूरेनियम है, वह सैद्धांतिक रूप से 10 से ज्यादा परमाणु हथियार बनाने के लिए काफी है।