भारत-अमेरिका के बीच नई ट्रेड डील की घोषणा के बाद एक ऐसी बात सामने आई, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने X पर भारत-अमेरिका व्यापार को लेकर एक पोस्ट किया। पोस्ट में ट्रेड से जुड़े प्रोडक्ट्स की बात थी, लेकिन असली चर्चा उस पोस्ट में लगे भारत के नक्शे को लेकर शुरू हो गई। इस नक्शे में भारत को एक अखंड देश के रूप में दिखाया गया है, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन भी भारत का हिस्सा नजर आ रहे हैं। आमतौर पर अमेरिका अपने सरकारी नक्शों में PoK को अलग दिखाता रहा है। हालांकि, इस बार ट्रंप प्रशासन के दौरान जारी इस मैप में पाकिस्तान के दावों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
ट्रेड से ज्यादा कूटनीति की चर्चा
USTR के पोस्ट से ज्यादा लोगों की नजर इन प्रोडक्ट्स से ज्यादा नक्शे पर टिक गई। खास बात यह रही कि लद्दाख के इलाके में मौजूद अक्साई चिन को भी साफ तौर पर भारत का हिस्सा दिखाया गया। जानकारों का कहना है कि यह कोई छोटी गलती या सामान्य ग्राफिक नहीं है, बल्कि अमेरिका की पहले की नीति से हटकर एक सोच-समझकर किया गया कदम लगता है। भारत हमेशा से कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न अंग हैं और इसके लिए किसी विदेशी मुहर की जरूरत नहीं है, फिर भी अमेरिका का यह कदम राजनीतिक और रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
सोशल मीडिया पर इस नक्शे को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। पोस्ट को हजारों लोगों ने लाइक और शेयर किया और सैकड़ों कमेंट्स आए। कई यूजर्स ने इसे भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत बताया। एक यूजर ने लिखा, “पाकिस्तान अमेरिका की खुशामद करता रहा और अमेरिका ने भारत का सही नक्शा दिखा दिया।” वहीं, कुछ लोगों ने मजाक में कहा, “अब पाकिस्तान रोएगा कि PoK को भारत में दिखा दिया गया।” कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह ट्रेड डील का हिस्सा है या फिर भारत को खुश करने की एक कोशिश।
क्या है इस मुद्दे पर भारत का रुख
भारत सरकार का इस मुद्दे पर रुख पहले से बिल्कुल साफ रहा है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने पहले ही संसद में कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा से भारत का हिस्सा रहे हैं और रहेंगे। उन्होंने यह भी दोहराया था कि PoK पर पाकिस्तान का कब्जा अवैध है और भारत सरकार उसे खाली करने की मांग लगातार करती रही है। ऐसे में USTR की ओर से जारी यह नक्शा सिर्फ सोशल मीडिया चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत-अमेरिका रिश्तों में एक अहम संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।