उत्तराखंड में घुसपैठ को लेकर सियासी तापमान तेजी से बढ़ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नैनीताल दौरे के दौरान एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में घुसपैठिये मौजूद हैं और उनकी सरकार इनकी पहचान के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चला रही है। धामी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश भर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस तेज है। सीएम धामी बुधवार शाम अचानक दो दिवसीय दौरे पर नैनीताल पहुंचे, जहां उनकी मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंन्द्र से मुलाकात भी चर्चा का विषय बनी रही।
अवैध तरीकों से घुसपैठियों ने बनवाए दस्तावेज
आज सुबह शहर की सैर पर निकले सीएम धामी ने जनता से संवाद करते हुए कहा कि बीते वर्षों में राज्य की डेमोग्राफी पर गंभीर असर डालने की कोशिशें हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों ने आधार कार्ड, वोटर कार्ड सहित कई दस्तावेज अवैध तरीकों से बनवा लिए हैं और यह राज्य की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
घुसपैठियों की पहचान के लिए चलाया जा रहा अभियान
सीएम धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को कठोर जांच के निर्देश जारी किए हैं। पिछले दस वर्षों के रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। धामी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता घुसपैठियों की पहचान और अवैध अतिक्रमण पर पूरी तरह रोक लगाना है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब तक करीब 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराई जा चुकी है, जो इस बात का संकेत है कि अभियान आने वाले दिनों में और तेज होने वाला है।
फर्जी नैरेटिव को नकार रही जनता
बातचीत में उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति ने ऐसे हालात को जन्म दिया है। उन्होंने बिहार चुनाव के संदर्भ में कहा कि देश की जनता अब विकास पर मुहर लगाकर फर्जी नैरेटिव को नकार रही है। धामी के बयान ने राज्य में राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दे दी है। सुरक्षा एजेंसियां पहले ही सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ा चुकी हैं। एसआईआर प्रक्रिया के साथ, यह अभियान उत्तराखंड में डेमोग्राफिक संतुलन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गहरे सवालों को फिर से केंद्र में लाता है।