Manikarnika Ghat Row: काशी को बदनाम… मणिकर्णिका घाट की फर्जी तस्वीरों पर बवाल, यूपी सरकार ने लिया एक्शन

Manikarnika Ghat Row: मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण को लेकर एआई से बनी भ्रामक तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाने के मामले में वाराणसी पुलिस ने आठ केस दर्ज किए हैं। आरोप है कि इन पोस्ट से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश की गई।

Priya Shandilya
पब्लिश्ड18 Jan 2026, 04:01 PM IST
वाराणसी में एक घाट की तस्वीर (फाइल फोटो)
वाराणसी में एक घाट की तस्वीर (फाइल फोटो)(HT)

Manikarnika Ghat Row: काशी का मणिकर्णिका घाट आस्था, परंपरा और विश्वास का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। ऐसे पवित्र स्थल को लेकर अगर सोशल मीडिया पर भ्रामक तस्वीरें और गलत दावे फैलने लगें, तो मामला सिर्फ अफवाहों तक सीमित नहीं रहता। वाराणसी में ठीक यही हुआ, जिसके बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है।

एआई से बनी तस्वीरों पर आठ मुकदमे दर्ज

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से बनाई गई तस्वीरें और भ्रामक सूचनाएं फैलाने के मामले में थाना चौक पर आठ अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस उपायुक्त गौरव बंसल ने बताया कि ये मामले आठ लोगों और कुछ ‘एक्स’ हैंडल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं।

हकीकत से उलट दिखाई गई तस्वीरें

पुलिस के मुताबिक, मणिकर्णिका घाट पर जारी सौंदर्यीकरण के काम से जुड़े असली तथ्यों के उलट, मनगढ़ंत तस्वीरें और गुमराह करने वाली सामग्री एक्स पर साझा किया गया था। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि इन पोस्ट के माध्यम से हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी तस्वीरें साझा कर आमजन की धार्मिक भावनाओं को आहत करने, समाज में भ्रम और आक्रोश फैलाने तथा सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास किया गया।

सीएम योगी का बयान

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसपर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने आने एक बयान में कहा कि, "काशी को बदनाम करने की जो साजिश हो रही है, उसका पर्दाफाश होना चाहिए।"

तमिलनाडु से आई शिकायत

पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में तमिलनाडु के रामानाथपुरम जिले के थाना पेरूनाला क्षेत्र के वी. सेतुराजापुरम निवासी मनो (पिता पचामल) ने थाना चौक में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी कंपनी 15 नवंबर 2025 से मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने और घाट के सौंदर्यीकरण का काम कर रही है।

एक्स पोस्ट ने बढ़ाया विवाद

शिकायत में आरोप लगाया गया कि ‘एक्स’ हैंडल यूजर अशुतोष पोटनिस ने 16 जनवरी की रात एआई की मदद से तैयार की गई भ्रामक तस्वीरें साझा कीं। इन पोस्ट में वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों को गुमराह किया गया और समाज में नाराजगी फैल गई।

औरंगजेब से तुलना ने बढ़ाया तनाव

शिकायतकर्ता के मुताबिक, पोस्ट के जरिए भारत सरकार की तुलना विदेशी आक्रांता औरंगजेब से की गई, जिससे सरकार में भरोसा रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा। इसके बाद बड़ी संख्या में आपत्तिजनक टिप्पणियां और री-पोस्ट हुए, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।

गलत सूचना फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई

पुलिस उपायुक्त गौरव बंसल ने बताया कि इस तरह की भ्रामक सूचनाएं फैलाकर न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई, बल्कि समाज में सरकार विरोधी सोच पैदा करने की भी कोशिश की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित ‘एक्स’ हैंडल यूजर के साथ-साथ री-पोस्ट और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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