फिल्म बनाने का पूरा तरीका बदलने की तैयारी, VerSe Innovation ने लॉन्च किया AI का ‘Spark Station’, घटेगा बजट

VerSe Innovation: Dailyhunt और Josh की पैरेंट कंपनी VerSe Innovation ने Film Expo 2026 में Spark Station लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि इससे 60 सेकंड की ब्रांड फिल्म की लागत 90% तक घटकर करीब ₹50,000- ₹75,000 हो सकती है, जबकि सामान्य तौर पर ऐसी फिल्म पर ₹10-25 लाख तक खर्च हो सकता है।

Jitendra Singh
पब्लिश्ड29 Aug 2026, 06:29 PM IST
Spark Station:  AI कंटेंट बनाने का पूरा काम करेगा।
Spark Station: AI कंटेंट बनाने का पूरा काम करेगा।

AI Video: फिल्म और विज्ञापन की दुनिया में AI अब सिर्फ वीडियो बनाने का टूल नहीं रह गया है। VerSe Innovation ने Spark Station के जरिए कंटेंट प्रोडक्शन की पूरी प्रक्रिया को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश की है। कंपनी का दावा है कि इस AI प्लेटफॉर्म की मदद से किसी कंटेंट को शुरुआती आइडिया से लेकर फाइनल वीडियो और उसके डिस्ट्रीब्यूशन तक तैयार किया जा सकता है।

सबसे बड़ा दावा लागत और समय को लेकर है। कंपनी के मुताबिक, जहां 60 सेकंड की एक ब्रांड फिल्म बनाने में ₹10 लाख से ₹25 लाख तक खर्च हो सकते हैं, वहीं Spark Station से यह लागत घटकर करीब ₹50,000 से ₹75,000 तक आ सकती है। यानी कंपनी का दावा है कि लागत में 90% तक की कमी संभव है। इसके अलावा कई हफ्तों में पूरा होने वाला प्रोडक्शन करीब 24 घंटे में पूरा करने का दावा किया गया है।

आइडिया से फाइनल वीडियो तक एक ही सिस्टम

Spark Station में कंटेंट प्रोडक्शन के अलग-अलग चरणों को एक ही पाइपलाइन में जोड़ा गया है। इसमें आइडिया, स्क्रिप्ट, स्टोरीबोर्ड, कास्टिंग, लोकेशन, कॉस्ट्यूम, शॉट्स, म्यूजिक, डायलॉग, एडिटिंग, कैप्शन, वीडियो रेंडरिंग, विज्ञापन फॉर्मेट और डिस्ट्रीब्यूशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि यूजर को कंटेंट बनाने के लिए अलग-अलग AI टूल्स और सॉफ्टवेयर के बीच बार-बार जाने की जरूरत कम हो सकती है।

एक AI मॉडल पर निर्भर नहीं

Spark Station की एक खासियत इसका मल्टी-मॉडल AI सिस्टम है। कंपनी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म किसी एक AI मॉडल पर निर्भर नहीं करता। अलग-अलग काम के लिए वह उस AI मॉडल का इस्तेमाल कर सकता है, जो उस खास काम के लिए बेहतर हो। यानी स्क्रिप्ट के लिए एक मॉडल, विजुअल बनाने के लिए दूसरा और किसी अन्य प्रोडक्शन टास्क के लिए तीसरा मॉडल इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी का दावा है कि इससे यूजर को अलग-अलग AI प्लेटफॉर्म पर जाकर काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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कई हफ्तों का काम 24 घंटे में

सिर्फ लागत ही नहीं, Spark Station के जरिए प्रोडक्शन का समय घटाने का भी दावा किया गया है। कंपनी के मुताबिक, जिस प्रोडक्शन को पूरा करने में आमतौर पर कई हफ्ते लग सकते हैं, उसे Spark Station के जरिए करीब 24 घंटे में पूरा किया जा सकता है। यह खास तौर पर उन ब्रांड्स और एजेंसियों के लिए अहम हो सकता है, जिन्हें एक ही कैंपेन के लिए बड़ी संख्या में वीडियो तैयार करने होते हैं।

AI वीडियो की सबसे बड़ी समस्या पर फोकस

AI से वीडियो बनाते समय अक्सर एक समस्या सामने आती है—एक शॉट में किरदार का चेहरा और दूसरे शॉट में उसका चेहरा अलग दिख सकता है। इसी तरह कपड़े, लोकेशन या प्रॉप्स भी बदल सकते हैं। Spark Station में कंपनी ने इस समस्या को कंटेंट कंसिस्टेंसी के जरिए हल करने का दावा किया है। प्लेटफॉर्म में पांच प्रमुख चीजों की निरंतरता बनाए रखने पर फोकस किया गया है:

  • चेहरा
  • एक्सप्रेशन
  • कपड़े
  • लोकेशन
  • प्रॉप्स

इसका फायदा यह होगा कि पूरी फिल्म में किरदार और उसका वातावरण ज्यादा एक जैसा रखा जा सकेगा।

60 से ज्यादा भाषाओं में कंटेंट

भारत जैसे बहुभाषी बाजार में लोकलाइजेशन भी Spark Station का अहम हिस्सा है। कंपनी का दावा है कि प्लेटफॉर्म 60 से ज्यादा भाषाओं में कंटेंट तैयार कर सकता है। इसमें सिर्फ भाषा बदलना ही शामिल नहीं है, बल्कि लिप-सिंक, भावनाओं और स्थानीय बोलचाल को भी ध्यान में रखा जाता है। VerSe Innovation के मुताबिक, जिस लोकलाइजेशन काम में करीब छह हफ्ते लग सकते हैं, उसे प्लेटफॉर्म के जरिए करीब एक दिन में पूरा किया जा सकता है।

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क्रिएटर्स के लिए बनाया गया प्लेटफॉर्म

Spark Station बनाने वाली टीम में फिल्म, VFX, गेमिंग और AI रिसर्च से जुड़े लोग शामिल हैं। इसमें किसी एक सॉफ्टवेयर से बंधे रहने की जरूरत नहीं है। कंटेंट को Premiere, Final Cut और DaVinci Resolve जैसे एडिटिंग सॉफ्टवेयर में एक्सपोर्ट किया जा सकता है। VerSe Innovation के को-फाउंडर और CEO उमंग बेदी के मुताबिक, प्रोडक्शन की ज्यादा लागत के कारण कई कहानियां कभी बन ही नहीं पातीं। Spark Station का मकसद सिर्फ कंटेंट बनाने की लागत कम करना नहीं है, बल्कि ऐसी कहानियों को भी संभव बनाना है, जो पहले बजट की वजह से नहीं बन पाती थीं। कंपनी के अनुसार, Spark Station का इस्तेमाल पिछले 6 महीने से ज्यादा समय से आंतरिक तौर पर बड़े स्तर पर किया जा रहा है और यह अब टेस्टिंग के बजाय प्रोडक्शन में इस्तेमाल हो रहा है।

कब से इस्तेमाल कर सकेंगे Spark Station?

Spark Station को तीन चरणों में लॉन्च किया जा रहा है:

29 अगस्त: बीटा एक्सेस

1 अक्टूबर: सभी के लिए उपलब्ध

1 नवंबर: एंटरप्राइज API

कंपनी ने अगले 24 महीनों के लिए प्लेटफॉर्म में 3 करोड़ डॉलर से ज्यादा निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह पैसा GPU इंफ्रास्ट्रक्चर, AI सिस्टम और विशेषज्ञों पर खर्च किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य दुनियाभर में 100+ स्टूडियो, 1,000+ ब्रांड और हजारों क्रिएटर्स को Spark Station से जोड़ना है।

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