PM Modi Meeting With All CMs: पश्चिम एशिया के हालात पर पीएम मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअली मीटिंग की, जो कि करीब सवा दो घंटे चली। इस दौरान प्रधानमंत्री ने राज्यों से उनकी तैयारियों के बारे में जानकारी ली। देश के प्रधानमंत्री ने कहा कि टीम इंडिया की तरह सबको मिलकर काम करना होगा और अपनी तैयारी मजबूत रखें। सरकार की तरफ से साफ संदेश दिया गया है कि देश में कोई लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। PM ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में राज्यों से उनकी तैयारियों और योजनाओं की जानकारी ली। यह पहली बार है जब इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की है।
बैठक में चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहे। इससे पहले सरकार ने कहा कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत तीन मंत्रियों ने लॉकडाउन की खबरों को गलत बताया।
बॉर्डर और तटीय राज्यों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे शिपिंग और जरूरी सप्लाई पर अतिरिक्त निगरानी रखें। साथ ही लोगों के बीच फैल रही अफवाहों और गलत जानकारी को रोकने के लिए सही और सटीक सूचना पहुंचाने की जरूरत बताई गई।
मुनाफाखोरी के खिलाफ कठोर कदम उठाने की अपील
पीएम ने जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापार में स्थिरता बनाए रखना, एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और इंडस्ट्री और सप्लाई चेन को मज़बूत करना हैं। उन्होंने राज्यों से सप्लाई चेन को ठीक से चलाने और जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की है।
बैठक में कृषि क्षेत्र पर भी खास फोकस रहा। उर्वरकों के भंडारण और समय पर वितरण को लेकर एडवांस प्लानिंग करने को कहा गया है। इसके साथ ही तेजी से फैसले लेने के लिए मजबूत कोऑर्डिनेशन सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया गया।
ख्यमंत्रियों ने मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई
मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीज़ल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता के साथ स्थिति स्थिर बनी हुई है। स्थिति को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा मुख्यमंत्रियों में चंद्रबाबू नायडू, विष्णु देव सहाय, रेवंत रेड्डी, योगी आदित्यनाथ, उमर अब्दुल्ला, भगवंत मान, मोहन यादव, हेमंत सोरेन, पुष्कर सिंह धामी, भूपेंद्र पटेल, देवेंद्र फड़णवीस और मोहन चरण मांझी शामिल हुए।