
पश्चिम बंगाल से एक बड़ी खबर सामने आई है। सियासी गलियारे में हलचल मच गई है। राज्य के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया है। लोक भवन के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अधिकारी के मुताबिक, बोस ने दिल्ली में अपना इस्तीफा दिया है। डॉ बोस 23 नवंबर 2022 को बंगाल के राज्यपाल बने थे।
डॉ. सीवी आनंद बोस को 17 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था. उनसे पहले मणिपुर के तत्कालीन राज्यपाल ला गणेशन बतौर अतिरिक्त प्रभार पश्चिम बंगाल के गवर्नर का कामकाज संभाल रहे थे। बोस को पश्चिम बंगाल का गवर्नर तब बनाया गया था, जब तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ भारत के उपराष्ट्रपति चुने गए थे।
उनके कार्यकाल के दौरान कई बार राज्य की ममता बनर्जी सरकार और राजभवन के बीच मतभेद भी सामने आए थे। विशेष रूप से विश्वविद्यालयों की नियुक्तियों, प्रशासनिक हस्तक्षेप और कुछ संवैधानिक मुद्दों को लेकर विवादों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में होती रही। कई मौकों पर राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली, जिससे यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियों में रहा। बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। अभी तक उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने या नए राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार जल्द ही इस संबंध में अगला निर्णय ले सकती है।
पश्चिम बंगाल के गवर्नर श्री सी. वी. आनंद बोस के इस्तीफ़े की अचानक आई खबर से सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि मैं हैरान और बहुत परेशान हूं। उनके इस्तीफ़े के पीछे की वजहें मुझे अभी पता नहीं हैं। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए मुझे हैरानी नहीं होगी अगर आने वाले राज्य विधानसभा चुनावों से ठीक पहले गवर्नर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कुछ राजनीतिक फायदे के लिए दबाव डाला हो। ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे बताया कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का गवर्नर बनाया जा रहा है। उन्होंने इस बारे में तय रिवाज के मुताबिक मुझसे कभी सलाह नहीं ली है।
सीवी आनंद बोस 1977 बैच के आईएएस अफसर हैं, वह केरल के कोट्टायम जिले के रहने वाले हैं। वह लेखक भी है, उनकी अंग्रेजी, मलयालम और हिंदी में करीब 40 पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। उनको जवाहरलाल नेहरू फैलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है। बोस उस कार्यकारी ग्रुप के अध्यक्ष थे, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए विकास एजेंडा तैयार किया था। मोदी सरकार ने "सभी के लिए किफायती आवास" के उनके कॉन्सेप्ट को अपनाया गया था।
इस बीच लद्दाख के एलजी कविंदर गुप्ता ने भी इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, अभी और कई राज्यों के उपराज्यपाल और राज्यपाल इस्तीफा देंगे। कई राज्यों में राज्यपालों को बदला जा सकता है और कुछ राज्यों में नए राज्यपाल और उपराज्यपालों की नियुक्ति की सूची जल्द ही राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी की जा सकती है।
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