पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का डिजिटलीकरण लगभग पूरा हो चुका है और शुरुआती रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। चुनाव आयोग की पोर्टल पर अपलोड किए गए फॉर्मों के मुताबिक अब तक 57.52 लाख से ज्यादा मतदाताओं को विभिन्न श्रेणियों में हटाने के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें 24 लाख से अधिक मृत मतदाताओं, 11.57 लाख ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं जिनका पता नहीं चल सका। इसके अलावा लगभग 19.90 लाख मतदाता ऐसे हैं जो कहीं और शिफ्ट हो गए हैं, जबकि 1.35 लाख को फर्जी और 54 हजार से अधिक नाम अन्य श्रेणी में पाए गए हैं।
12 राज्यों में चल रही प्रक्रिया, फरवरी 2026 तक नई सूची
देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया 4 नवंबर से चल रही है और इसके तहत सभी फॉर्म 11 दिसंबर तक अपलोड कर दिए गए थे। अब 16 दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होगी और अंतिम सूची 14 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। इन राज्यों में करीब 5 लाख BLO और 12 लाख से ज्यादा BLA इस कार्य में लगे हैं। आयोग ने निर्देश दिया है कि BLO मसौदा सूची में मिलने वाली शुरुआती गलतियों को पहचानने के लिए BLA के साथ नियमित बैठक करें ताकि किसी योग्य मतदाता को गलती से लिस्ट से बाहर न किया जाए।
पार्टियों को सौंपी जाएंगी हटाए जाने वाले नामों की लिस्ट
पश्चिम बंगाल में मृत, शिफ्ट हुए, लापता और संदिग्ध वोटरों की प्रारंभिक सूची तैयार हो गई है जिसे अब राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों को सौंपा जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मसौदा सूची जारी होने से पहले राजनीतिक दलों को हटाए जाने वाले नामों की पूरी कॉपी दी जाए ताकि वे अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकें। जिन लोगों ने कई बार पता बदला है, उन्हें केवल उनकी मौजूदा लोकेशन पर ही रखा जाएगा और बाकी सभी सूचियों से हटाया जाएगा।
तीन बार संपर्क नहीं होने पर नाम होगा बाहर
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं से BLO तीन या अधिक बार प्रयास करने के बाद भी संपर्क नहीं कर पाए हैं, उनके नाम मसौदा सूची में शामिल नहीं होंगे। आयोग के अनुसार 2026 के आम चुनावों से पहले सटीक, साफ और त्रुटि-रहित मतदाता सूची तैयार करना जरूरी है। इस पूरे अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अवैध, मृत या फर्जी मतदाताओं को हटाकर केवल वास्तविक और वैध मतदाता ही फाइनल सूची में शामिल रहें।