
DGCA यानी Directorate General of Civil Aviation या महानिदेशक नागरिक उड्डयन ने साल 2019 में एयरलाइंस कंपनियों के लिए नए नियम बनाए थे। जिसके मुताबिक फ्लाइट 6 घंटे लेट होने पर वैकल्पिक फ्लाइट या टिकट के पूरे पैसे रिफंड करने का विकल्प दिए जाने का नियम बनाया गया था। अगर कोई फ्लाइट 24 घंटे या इससे ज्यादा देरी से उड़ती है तो एयरलाइंस कंपनी को यात्रियों के लिए होटल में रहने और खाने की व्यवस्था करनी पड़ती है। अगर फ्लाइट रात 8 बजे से रात 3 बजे के बीच 6 घंटे से ज्यादा लेट होती है, ऐसी स्थिति में भी एयरलाइंस कंपनी को पैसेंजर को होटल में रुकने की व्यवस्था करनी पड़ती है।
DGCA के अगस्त 2019 में बनाए गए नए नियम के मुताबिक यात्रियों के अधिकारों की अनदेखी या असुविधा होने पर एयरलाइंस कंपनियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। DGCA ने मुआवजा नियम को पहले से ज्यादा सख्त बनाया है। पिछले कुछ दिनों से दुनिया के कई देशों समेत भारत की एयरलाइंस कंपनियों को भी उड़ान सेवा समय पर चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रह है। इसकी वजह से यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर आप भी ऐसी किसी समस्या से दो-चार हो रहे हैं या आपकी यात्रा में व्यावधान पड़ा है तो जान लीजिए क्या कहता है DGCA का नया नियम।
कई बार एयरलाइंस कंपनियों फ्लाइट में निर्धारित सीटों से ज्यादा यात्रियों के टिकट बुक कर लेती हैं। ऐसे स्थिति अगर फ्लाइट में जगह नहीं होने पर आपको नहीं बैठने दिया जाता है तो एयरलाइंस कंपनी को वेटिंग की सुविधाएं उपलब्ध करानी होती है और यात्री को दूसरी फ्लाइट से यात्रा की व्यवस्था करनी पड़ती है। इसके अलावा कंपनी को यात्रियों की बाकी सुविधाओं का भी ध्यान रखना पड़ता है। DGCA के ये नियम भारत में उड़ान भरने वाली सभी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस कंपनियों पर लागू होते हैं।
अगर यात्री अपनी फ्लाइट पकड़ने के लिए तय समय के भीतर एयरपोर्ट पर चेक-इन कर चुका है और उसके बाद पता चलता है कि उसकी फ्लाइट लेट है, ऐसी स्थिति में कंपनी यात्री को मुआवजा देने के लिए बाध्य है।
अगर 2.5 घंटे की उड़ान वाली फ्लाइट 2 घंटे या इससे ज्यादा लेट हो
अगर 2.5 घंटे से 5 घंटे तक की उड़ान वाली फ्लाइट 3 घंटे लेट हो
अगर 5 घंटे या इससे ज्यादा लंबी उड़ान वाली फ्लाइट 4 घंटे लेट हो
ऐसी स्थिति में संबंधित एयरलाइंस कंपनी को यात्रियों के लिए मुफ्त में खाना और रेफ्रेशमेंट के लिए स्नैक्स की व्यवस्था करना अनिवार्य होता है। ऐसा नहीं करने की स्थिति में DGCA ने एयरलाइंस कंपनी पर जुर्माने का सख्त प्रावधान किया है।
अगर किसी एयरलाइंस कंपनी की फ्लाइट 6 घंटे से ज्यादा लेट होती है तो एयरलाइंस कंपनी को इसकी जानकारी निर्धारित समय से 24 घंटे पहले यात्रियों को देनी होगी। इसके अलावा 6 घंटे के भीतर यात्रियों के लिए दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था या फिर पूरा पैसा लौटाने का प्रावधान है।
अगर कोई फ्लाइट 24 घंटे की ज्यादा की देरी से उड़ान भरने वाली हो ऐसी स्थिति में यात्रियों के लिए एयरलाइंस कंपनी को होटल में रहने और खाने की व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा रात 8 बजे से रात 3 बजे तक की फ्लाइट में 6 घंटे से ज्यादा समय तक की देरी होने पर भी कंपनी को यात्रियों के लिए होटल में ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था करनी होगी।
DGCA के साल 2019 में किए गए बदलाव के मुताबिक अगर फ्लाइट कैंसिल हो जाती है तो ऐसी स्थिति में कंपनी को कम से कम दो सप्ताह पहले यात्रियों को सूचना देनी होगी। इसके अलावा यात्रियों के लिए वैकल्पिक तौर पर दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था करने का नियम है साथ ही पूरा पैसा यात्रियों को लौटाने का भी प्रावधान है।
अगर फ्लाइट रद्द हो जाती है और उसकी जानकारी कंपनी यात्रियों को नहीं देती है ऐसी स्थिति में आपकी कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। कंपनी को टिकट का पूरा पैसा लौटाने के साथ ही भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान है। एक घंटे यात्रा वाली फ्लाइट छूटने पर 5,000 रुपये या एक तरफ का किराया, दो घंटे तक की फ्लाइट लेट होने पर 7,500 रुपये या एक तरफ का किराया, दो घंटे या इससे ज्यादा यात्रा वाली फ्लाइट छूट जाने पर 10 हजार रुपये या एक तरफ का किराया जुर्माने के तौर पर देने का प्रावधान है।
अगर फ्लाइट लेट या रद्द होने की स्थिति में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ता है या फिर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है ऐसी स्थिति में आप मुआवजा या रिफंड के लिए क्लेम कर सकते हैं। इसके लिए आपको टिकट बुकिंग से संबंधित सारे डॉक्यूमेंट और टिकट बुक करते समय दिए गए पहचान पत्र, यात्रा की डिटेल, होटल या खाने-पीने का बिल जमा करना होगा। यात्रियों को रिफंड पाने के लिए एयरलाइंस कंपनी के ग्रीवेंस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी होगी।
DGCA के नए नियम के मुताबिक एयरलाइंस कंपनी को 30 दिनों के भीतर यात्रियों की शिकायत का समाधान करना होगा, अगर ऐसा नहीं होता है या कंपनी मुआवजा देने से इनकार करती है तो आप उड्डयन मंत्रालय की एयर सेवा पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अगर आपने कैश पेमेंट देर टिकट बुक कराया है तो आपको तत्काल रिफंड मिल जाता है, जबकि क्रेडिट कार्ड से पेमेंट की स्थिति में 7 दिन के भीतर रिफंड मिलता है। अगर आपने ट्रेवेल एजेंट के जरिए टिकट बुक कराया है तो संबंधित एजेंट को रिफंड करना होता है।
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