
बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद की कार्यवाही जारी है। लोकसभा में आज रेलवे बजट के लिए अनुपूरक मांगों पर चर्चा हो रही है। सदन की कार्यवाही के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपने क्षेत्र में बैंकिंग सिस्टम को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने सदन में मौजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से प्रश्न किया जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चुटकी ले ली। आइए जानते हैं कि हुआ क्या था।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र में लोग बैंकों में ज्यादा पैसे जमा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय औसत से कम लोन मिल रहा है। ठाकुर ने कहा, 'मेरे अपने क्षेत्र में जो क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो है, वह देश में सबसे कम में से एक है- 23.39 प्रतिशत। यानी हम पैसा ज्यादा जमा कराते हैं, लेकिन उससे ऋण कम मिलता है।'
फिर उन्होंने वित्त मंत्री से अपील की, 'माननीय वित्त मंत्री से पूछना चाहता हूं कि उसमें सुधार कैसे हो सकता है ताकि पहाड़ी राज्यों में लोगों को स्वरोजगार के अवसर ज्यादा मिलें?' फिर उन्होंने दूसरा प्रश्न भी किया। ठाकुर ने पूछा, ‘अभी जो डेट रिकवरी ट्राइब्यूनल (DRT) है, उसमें अभी समय कितना लग रहा है और उसे कम कैसे किया जा सकता है? NCLT से बहुत फर्क पड़ा है, बहुत रिकवरी भी हुई है। डीआरटी को बेहतर करने की दिशा में सरकार क्या प्रयास कर रही है?’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसका जवाब देतीं कि ठाकुर का सवाल खत्म होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चुटकी ले ली। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुस्कुराते हुए कहा, 'आपका राज्यमंत्री आपसे प्रश्न पूछ रहा है।' इस पर सदन के कुछ सदस्यों ने ठहाके लगाए। फिर वित्त मंत्री अपना जवाब दिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'डिपॉजिट वर्सेस क्रेडिट के विषय में हम पिछले तीन वर्ष से बैंकों के साथ काम कर रहे हैं। जिन क्षेत्रों में ऋण ज्यादा दिया जा रहा है, लेकिन जमा रकम कम आ रही है, वहां मॉनिटरिंग हो रही है और हम उन्हें लगातार गाइडेंस भी दे रहे हैं। दूसरी ओर, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में डिपॉजिट ज्यादा है, लेकिन ऋण कम दिया जा रहा है।' सीतारमण ने बताया कि ऐसे क्षेत्रों में बैंकों को इंडस्ट्री ग्रुप्स से बात करवाकर या इंडस्ट्री असोसिएशंस को बैंक से बात करवाने के बाद लोन लेने के लिए इंडस्ट्रीज और छोटे उद्योगों को जोड़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे हम डिपॉजिट और आउटगो के मिसमैच को लोकल लेवल पर ही बैलेंस कर पाएंगे। सीतारमण ने कहा कि सरकार पूरी कोशिश करेगी कि इंडस्ट्री ही नहीं, आम लोगों को भी उचित अनुपात में ऋण मिले। जहां तक बात डेट रिकवरी ट्राइब्यूनल का है तो हम लगातार कोशिश में हैं कि डीआरटी बेंचेज के पद खाली नहीं रहें और उन्हें जल्दी से जल्दी भरे जाएं ताकि डेट रिकवरी में देरी नहीं हो।
ध्यान रहे कि अनुराग सिंह ठाकुर पांचवीं बार लोकसभा पहुंचे हैं। वह पहली बार 2008 में चुनाव जीतकर 14वीं लोकसभा के सदस्य बने थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 30 मई, 2019 को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया था। अनुराग ठाकुर को तब वित्त मंत्रालय और कंपनी मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री नियुक्त किया था। वह 7 जुलाई, 2021 तक राज्य मंत्री रहे और 7 जुलाई, 2021 के बाद से उन्हें कैबिनेट मंत्री बना दिया गया था। अनुराग ठाकुर को सूचना प्रसारण के साथ-साथ युवा मामलों और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। 18वीं लोकसभा में उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है।
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