
Who is Anil Marwah: दिल्ली मेट्रो आज लाखों लोगों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। ऑफिस जाने से लेकर कॉलेज, बाजार और दूसरे शहरों से जुड़ने तक, यह शहर की लाइफलाइन बन गई है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इंसान मेट्रो से इतना जुड़ सकता है कि हर नई लाइन के खुलने का बेसब्री से इंतजार करे?
दिल्ली में एक ऐसे ही शख्स हैं अनिल मारवाह, जो पिछले दो दशकों से एक खास परंपरा निभा रहे हैं। जैसे ही दिल्ली मेट्रो की कोई नई लाइन शुरू होती है, वे कोशिश करते हैं कि उसी दिन चलने वाली पहली ट्रेन में सबसे पहले सफर करें।
दिल्ली के रहने वाले 65 वर्षीय अनिल मारवाह 'मेट्रो लवर' हैं, जिन्होंने पिछले 24 सालों से एक अनोखी परंपरा निभाई है। लोग अब उन्हें 'दिल्ली मेट्रो का सबसे बड़ा फैन' कहने लगे हैं।
उनकी कहानी आज की नहीं, बल्कि साल 2002 से शुरू होती है जब दिल्ली में पहली बार मेट्रो चली थी। जब दिल्ली में पहली मेट्रो पटरी पर उतरी, तो अनिल जी उसमें सवार होने वाले शुरुआती लोगों में से एक थे। तब से लेकर आज तक, दिल्ली मेट्रो का कोई भी नया कॉरिडोर या लाइन शुरू हो, अनिल जी वहां मौजूद रहते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि वह उद्घाटन वाले दिन चलने वाली पहली ट्रेन के पहले मुसाफिर बनें। इतना ही नहीं, हर नई लाइन का पहला स्मार्ट कार्ड भी वही खरीदते हैं।
अनिल जी के पास आज की तारीख में 42 से ज्यादा मेट्रो कार्ड्स का अनूठा कलेक्शन है। उनके लिए ये कार्ड्स सिर्फ प्लास्टिक के टुकड़े नहीं, बल्कि दिल्ली की तरक्की के गवाह हैं। अपने इस अनोखे जुनून के लिए उनका नाम 'लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में दर्ज हो चुका है और अब वह 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' के लिए तैयारी कर रहे हैं। मेट्रो के प्रति उनकी दीवानगी का आलम यह है कि एक बार उन्होंने नई मेट्रो लाइन की पहली सवारी के लिए अपने परिवार की एक शादी तक छोड़ दी थी।
एक दिलचस्प किस्सा तब का है जब नोएडा मेट्रो की शुरुआत होने वाली थी। उस वक्त अनिल जी बेंगलुरु में थे और चाहकर भी दिल्ली नहीं आ सकते थे। परंपरा टूटने का डर था इसलिए उन्होंने अपने बेटे और बहू से गुजारिश की कि वे उनकी जगह नोएडा मेट्रो के पहले पैसेंजर बनें। बेटे-बहू ने पिता का मान रखा और उस दिन की पहली सवारी कर पहला कार्ड अपने नाम किया।
अनिल मारवाह के इस जज्बे को देखते हुए बुधवार को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने उन्हें दिल्ली मेट्रो के एमडी डॉ. विकास कुमार की मौजूदगी में सम्मानित किया। मंत्री जी ने कहा कि अनिल जी जैसी कहानियां बताती हैं कि जनता का अपनी पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर कितना अटूट भरोसा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में मेट्रो की जो नींव रखी गई थी, वह आज भारत के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक बन चुकी है।
अनिल मारवाह बताते हैं कि दिल्ली मेट्रो ने शहर में यात्रा करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। एक समय था जब लोगों को बसों के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था और ट्रैफिक की वजह से सफर काफी मुश्किल हो जाता था। मेट्रो के आने के बाद दिल्ली में कनेक्टिविटी बेहतर हुई, समय की बचत हुई और सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया।
अनिल मारवाह के लिए मेट्रो की हर नई लाइन सिर्फ एक नई यात्रा नहीं होती, बल्कि शहर की तरक्की का जश्न होता है। वे इन खास पलों को यादगार बनाने के लिए टिकट, स्मार्ट कार्ड, फोटो और टाइमटेबल जैसी चीजें संभालकर रखते हैं।
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