कलबुर्गी की उपायुक्त फौजिया तरन्नुम के खिलाफ कथित ‘पाकिस्तानी’ टिप्पणी करने के संबंध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) एन रविकुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एमएलसी ने 24 मई को भाजपा के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित टिप्पणी की थी।
भाजपा नेता ने बयान लिया वापस
मामले का बढ़ता देख बाद में भाजपा नेता एन रविकुमार ने अफसोस जताते हुए अपना बयान वापस लिया और कहा कि जुबान फिसल गई। रविकुमार ने आईएएस अधिकारी पर कांग्रेस पार्टी के आदेश पर काम करने का आरोप लगाया था और कथित तौर पर कहा था, ‘ऐसा लगता है कि वह पाकिस्तान से आई हैं।’
फौजिया तरन्नुम के समर्थन में आया आईएएस ऑफिसर एसोसिएशन
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भाजपा एमएलसी के खिलाफ स्टेशन बाजार थाने में मामला दर्ज किया गया है और जांच की जा रही है। घटना की निंदा करते हुए ‘आईएएस ऑफिसर एसोसिएशन’ ने कुमार से उनकी ‘गैर-जिम्मेदाराना और अस्वीकार्य टिप्पणियों’ के लिए बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।
आईएएस ऑफिसर एसोसिएशन ने एक बयान में कहा, ‘फौजिया तरन्नुम एक बेदाग एवं ईमानदार आईएएस अधिकारी हैं जिनका ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ सराहनीय है और वह जनसेवा तथा राज्य के प्रति गहन समर्पण की भावना रखती हैं। रवि कुमार द्वारा उनके खिलाफ की गई टिप्पणी निराधार, अनुचित और पूरी तरह से तर्कहीन है। इस तरह के भड़काऊ और झूठे बयान न केवल प्रतिबद्ध लोकसेवकों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि गंभीर मानसिक आघात भी देते हैं तथा यह कर्तव्य के दौरान उत्पीड़न के समान है।’
कौन हैं फौजिया तरन्नुम?
फौजिया तरन्नुम 2015 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी हैं, जो फिलहाल कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में उपायुक्त और जिला मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात हैं। वो अपनी शानदार सार्वजनिक सेवा के लिए जानी जाती हैं। जनवरी 2025 में उन्हें राष्ट्रपति द्वारा बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिसेज अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। यह अवॉर्ड उन्हें 2024 के चुनावों के दौरान बेहतरीन इलेक्टोरल रोल मैनेजमेंट के लिए मिला था। फौजिया तरन्नुम ने पहले 2011 में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में चयन पाया था, लेकिन उनका सपना IAS बनने का था। उन्होंने 2014 में दोबारा प्रयास किया और IAS में चयनित हो गईं।
उनकी मेहनत और समर्पण को अलग-अलग पहलुओं के जरिए भी सराहा गया है । उन्होंने कलबुर्गी रोटी को ब्रांड के रूप में प्रमोट किया और इलाके में मोटे अनाज (मिलेट्स) को फिर से मुख्य आहार के रूप में शामिल करवाया। इसके लिए उन्हें एक्सीलेंस इन गवर्नेंस अवॉर्ड से भी नवाजा गया है।
(न्यूज एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)