Who is Ranvir Sachdeva: दिल्ली में हो रहा India AI Impact Summit 2026 इन दिनों सुर्खियों में है। दुनिया भर के टेक लीडर्स, वैज्ञानिक और पॉलिसी मेकर्स यहां जुटे हैं। लेकिन इस बार चर्चा किसी बड़े उद्योगपति या नोबेल विजेता की नहीं, बल्कि एक आठ साल के बच्चे की हो रही है। नाम है रणवीर सिंह सचदेवा। इतनी कम उम्र में कीनोट स्पीकर बनना ही अपने आप में बड़ी बात है, लेकिन रणवीर की कहानी इससे कहीं आगे जाती है।
रणवीर बनें AI समिट के सबसे छोटे स्पीकर
16 से 21 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में रणवीर इस साल के सबसे कम उम्र के कीनोट स्पीकर हैं। वे यहां अपने भारतीय AI मॉडल के यूज केस पर बात कर रहे हैं। रणवीर ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि वे प्राचीन भारतीय दर्शन को आधुनिक टेक्नोलॉजी से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
उनका कहना है कि वे यह भी बता रहे हैं कि भारत किस तरह AI बना रहा है और बाकी देश किस दिशा में काम कर रहे हैं। रणवीर ने यह भी दावा किया कि उनका काम भारत की GDP में योगदान दे रहा है और वे AI लिटरेसी बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। इतनी छोटी उम्र में इस तरह की समझ और आत्मविश्वास लोगों को हैरान भी कर रहा है और प्रेरित भी।
कौन हैं रणवीर सचदेवा?
रणवीर का यह पहला ग्लोबल मंच नहीं है। 2017 में जन्मे रणवीर इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। महज 7 साल की उम्र में उन्हें जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के AI फॉर गुड ग्लोबल समिट 2025 में सबसे कम उम्र के कीनोट स्पीकर के रूप में बुलाया गया था। वहां उन्होंने 20 मिनट तक “एजेंट्स ऑफ चेंज: अ 7-ईयर-ओल्ड्स लेंस ऑन जनरेशन एआई फॉर गुड” विषय पर स्पीच दिया था।
इस समिट में 180 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि, 53 UN पार्टनर संगठनों के सदस्य और हजारों लोग मौजूद थे। उसी मंच पर वे Geoffrey Hinton जैसे AI के दिग्गजों के साथ नजर आए। Geoffrey Hinton को AI का गॉडफादर और नोबेल पुरस्कार विजेता माना जाता है। रणवीर ने वहां जनरेशन AI को असली बदलाव लाने वाली पीढ़ी बताया और हेल्थकेयर में AI के इस्तेमाल पर जोर दिया।
6 साल में TEDx, 7 साल में IIT दिल्ली सर्टिफिकेट
रणवीर दुनिया के सबसे कम उम्र के TEDx स्पीकर भी रह चुके हैं। उन्होंने 6 साल की उम्र में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर बात की थी। इसके बाद 2023 में उन्होंने आईआईटी दिल्ली के आई-हब फाउंडेशन फॉर रोबोटिक्स से समर वर्कशॉप के बाद रोबोटिक्स और एआई में सर्टिफिकेशन हासिल किया। उस समय वे इस सर्टिफिकेट को पाने वाले सबसे कम उम्र के प्रतिभागी बने।
जुलाई 2025 में उन्हें मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने युवाओं को एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया। इससे पहले वे 6 साल की उम्र में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के जनरल असेंबली सत्र में भाग लेने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के प्रतिभागी बन चुके थे।
जब टिम कुक ने रणवीर को दिया पर्सनल इनविटेशन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2021 में रणवीर ने नासा के मार्स मिशन को सपोर्ट करने के उद्देश्य से एक प्रोटोटाइप रॉकेट तैयार किया था। इस काम के लिए उन्हें नासा के जेट प्रोपल्शन लैबोरटरी से पहचान मिली। 2022 में उन्होंने ग्लोबल रीडिंग चैलेंज में गोल्ड मेडल भी जीता।
2023 में उनकी मुलाकात एप्पल के सीईओ टिम कुक से हुई। यह मुलाकात इतनी प्रभावशाली रही कि टिम कुक ने उन्हें एप्पल के वर्ल्डवाइड डेवलपर कॉन्फरेंस 2023 में शामिल होने का व्यक्तिगत निमंत्रण दिया। टिम कुक ने दिल्ली में एप्पल साकेत स्टोर के उद्घाटन के दौरान रणवीर के साथ तस्वीर भी साझा की थी।
AI समिट में रणवीर का उद्देश्य
AI इम्पैक्ट समिट 2026 में रणवीर का फोकस सिर्फ टेक्निकल बातें नहीं हैं। वे भारतीय प्राचीन दर्शन और आधुनिक AI टेक्नोलॉजी के बीच संबंध पर भी चर्चा कर रहे हैं। उनका मानना है कि AI का विकास सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि सोच और मूल्यों से भी जुड़ा होना चाहिए। उनकी बातों में यह संदेश साफ नजर आता है कि AI को इंसानियत के भले के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हेल्थकेयर, डिजिटल डिवाइड कम करना और AI लिटरेसी बढ़ाना उनके मुख्य मुद्दे हैं।
AI इम्पैक्ट समिट 2026 में उनका भाषण इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में भारत की AI यात्रा में युवा दिमाग बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।