
नए साल की शुरुआत में यानी जनवरी में यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की भारत दौरे पर आ सकते हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जेलेंस्की रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवाने के लिए पीएम मोदी से पहल करने की अपील कर सकते हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के दौरे के बाद जेलेंस्की का भारत दौरा वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम हो सकता है। अंग्रेजी अखबर इंडियन एक्स्प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के अधिकारी इस यात्रा की तैयारी में जुटे हैं।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे के बाद अब बारी है यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के भारत दौरे की, हालांकि इस दौरे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन बताया जा रहा है कि जेलेंस्की के दौरे को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है और सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले महीने यानी जनवरी के पहले सप्ताह में जेलेंस्की भारत दौरे पर आ सकते हैं। जेलेंस्की के इस दौरे से आंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल सकता है।
जेलेंस्की के भारत दौरे के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवाने पर बातचीत हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि भारत शांति का पक्षधर है, वो रूस और यूक्रेन दोनों देशों का दौरा कर चुके हैं। जिस तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध रुकवाने के लिए जेलेंस्की पर दबाव बना रहे हैं उससे उन्हें नुकसान होने की आंशका सता रही है। दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति पुतिन ना तो ट्रंप की बात सुनने को तैयार हैं और ना ही जेलेंस्की को भाव दे रहे हैं। ऐसे में भारत की भूमिका युद्ध रुकवाने में अहम हो सकती है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्स्प्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पुतिन के भारत दौरे के पहले से भारत और यूक्रेन के अधिकारी जेलेंस्की के भारत दौरे पर बातचीत कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक भारतीय अधिकारियों ने पुतिन के भारत दौरे से पहले भी यूक्रेन से संपर्क साधा था। गौरतलब है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की पहले की कह चुके हैं कि मोदी तीन साल से ज्यादा समय से चला आ रहा रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवा सकते हैं।
भारत और यूक्रेन के बीच साल 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे, रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच पीएम मोदी ने साल 2024 में रूस और यूक्रेन का दौरा किया था। मोदी जुलाई में रूस और अगस्त में यूक्रेन गए थे और दोनों देशों से शांति की अपील की थी। पिछले साल पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझीदारी को विस्तार देने पर सहमति बनी थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूक्रेन दौरे पर भारत में यूक्रेन के राजदूत ओलेकसांडर पोलिशचुक ने कहा था कि पीएम मोदी ने जेलेंस्की को भारत आने का न्योता दिया है। यूक्रेनी राजदूत ओलेकसांडर पोलिशचुक ने अगस्त में यूक्रेन के नेशनल फ्लैग-डे के मौके पर कहा की उचित समय पर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भारत दौरे पर आएंगे।
जेलेंस्की के ऐसे वक्त पर भारत दौरे की योजना बनाई जा रही है जो यूक्रेन के राष्ट्रपति इस वक्त चौतरफा चुनौतियों से जूझ रहे हैं। एक तरफ रूस के साथ उनका युद्ध चल रहा है दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति उनपर अपनी शर्तों पर युद्ध विराम की घोषणा करने का दबाव बना रहे हैं। इसी बीच यूक्रेन में उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। इस भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे जेलेंस्की के करीबी माने जाने वाले चीफ ऑफ स्टाफ आंद्रिय यरमाक को इस्तीफा देना पड़ा है।
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से पीएम मोदी और राष्ट्रपति जेलेंस्की की चार बार मुलाकात और आठ बार फोन पर बात हो चुकी है। पिछली बार SCO यानी शांघाई सहयोग संगठन की इसी साल अगस्त में हुई बैठक में पीएम मोदी और जेलेंस्की की मुलाकात हुई थी। जब पुतिन भारत दौरे पर आए थे उस वक्त यूरोप के कई देशों ने पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करवाने की अपील की थी।
अगर यूक्रेनी राष्ट्रपति भारत दौरे पर आते हैं तो रूस-यूक्रेन के बीच करीब चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में मजबूत पहल होने की उम्मीद है। अभी तक यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए अपनी पूरी शक्ति लगाकर थक चुके और भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी एक बड़ा संदेश होगा।
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